शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस के स्वर्ण जयंती अवसर पर सोमवार को कांग्रेस ने अपने नेताओं को याद करते हुए ऐतिहासिक रिज मैदान पर देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी व प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने हिमाचल के निर्माण में इनके योगदान को याद करते हुए समस्त प्रदेशवासियों की ओर से इनके चरणों मे पुष्प अर्पित किए।
उधर, कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पार्टी के मुख्य कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने इंदिरा गांधी व डॉ. यशवंत सिंह परमार के छाया चित्रों पर पुष्प अर्पित किये। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि 25 जनवरी 1971 का वह ऐतिहासिक दिन था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने शिमला के रिज मैदान से भारी बर्फबारी के बीच हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा घोषित कर प्रदेश कांग्रेस नेताओं की मांग को पूरा किया था। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद करते हुए कहा कि एक तरफ हिमाचल प्रदेश के गठन को जनसंघ का भारी विरोध था तो दूसरी तरह हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व को लोगों की मांग प्रदेश कांग्रेस की कड़ी परीक्षा का समय था, जिसमें कांग्रेस सफल रही। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार के अथक प्रयासों से ही हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व का सपना पूरा हो सका था। उन्होंने कहा कि ठाकुर रामलाल के बाद वीरभद्र सिंह ने आधुनिक हिमाचल के विकास की गाथा को लिखा, जो आज प्रदेश पहाड़ी राज्यों के स्वर्णिम विकास में अग्रणी राज्य के तौर पर जाना जाता है। यह सब केंद्र की कांग्रेस सरकारों और प्रदेश की कांग्रेस सरकार के आपसी सहयोग से ही संभव हो पाया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी वेद प्रकाश ठाकुर, यशपाल तनाइक, सुशांत कपरेट, शशि बहल, सोनिया चौहान, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा, शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी के अतिरिक्त अरुण शर्मा, आचार्य मस्तराम शर्मा, सेवादल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई व पार्टी के अन्य विभागों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
कुलदीप राठौर ने प्रदेश की भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने इस स्वर्ण जयंती समारोह में हिमाचल के निर्माण में कांग्रेस नेताओं की उपेक्षा और अपमान किया है। उन्होंने कहा कि रिज मैदान पर आज उनके नेताओं की प्रतिमा को पंडाल से पीछे कर सरकार ने उनके नेताओं का अपमान किया है और कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की प्रतिमा के आगे बड़े-बड़े स्टाल लगाए गए थे। उनके चरणों मे फूल अर्पित करने तक को कोई जगह नहीं छोड़ी गई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्टाल हटाकर अपनी नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसी तरह डॉ. परमार की प्रतिमा के आगे भी कोई स्थान नहीं छोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि आज के इस कार्यक्रम का भाजपा ने राजनीतिकरण किया, जो सरकारी समारोह न होकर पूरी तरह भाजपा पार्टी का बनकर रह गया था।
राठौर ने कहा कि इतिहास गवाह है कि आज की भाजपा और तत्कालीन जनसंघ ने प्रदेश के गठन का जबरदस्त विरोध करते हुए यहां के मैदानी इलाकों को पंजाब में मिलाने और महा पंजाब के गठन की वकालत की थी। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने प्रदेश के लोगों की भावना का सम्मान करते हुए जनसंघ के दवाब को दरकिनार किया और प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देकर अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाया था। उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी का हिमाचल प्रदेश के प्रति विशेष स्नेह रहा। उन्होंने अपने कार्यकाल में प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सदैव इन नेताओं का ऋणी रहेगा, जिनकी बदौलत आज हम देश मे अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं।
