शिमला। प्रतिपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश सरकार से करोना काल में लिए सारे जनविरोधी फैसलों को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि सरकार राज्य की जनता के हितों को ताक पर रख कर प्रदेशवासियों पर बोझ डाल रही है। उनका कहना है कि महंगाई बढ़ाने वाले निर्णयों के ख़िलाफ़ जन आक्रोश बढ़ रहा है और आने वाले समय में जनता का ग़ुस्सा इस कदर फूटेगा कि सरकार से नियंत्रित नहीं होगा। अग्निहोत्री ने बुधवार को यहां कहा कि भाजपा सरकार महंगाई के सारे रिकोर्ड तोड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल और कांग्रेस पार्टी मिलकर इस मामले को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने कहा कि लोग बेरोज़गारी और वित्तीय दिक्कतों से जूझ रहे हैं। कोरोना संक्रमण से मौतें लगातार जारी हैं, आत्महत्याओं ने प्रदेश को झकझोर दिया है और ऐसे में सरकार बेशर्मी से अनुदान घटा रही है और दाम बढ़ा रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राज्य में राशन की लोकप्रिय योजना दी थी, जिसका मौजूदा भाजपा सरकार ने भट्ठा बिठा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब एपीएल परिवारों के राशन के दाम भी बढ़ा दिए हैं। इससे प्रदेश के लोगों को धक्का लगा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में खाने का तेल 70 से 97 रूपए प्रति लीटर किया था, जो अब 103 रुपए कर दिया है। वहीं, मलका और माश की दाल की कीमतें भी 55 से 60 कर दी और दाल चना 45 से 50 रूपए कर दी है। उन्होंने इसे जनता के साथ धोखा करार दिया। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हाल ही में सरकार ने बिजली के घरेलू मीटर लगाने की दरें चुपचाप बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि जो दर एक किलोवाट की 240 रूपए थी, उसे बढ़ाकर 928 रूपए कर दिया गया। यानी मीटर लगाने की दरें चार गुना बढ़ाई हैं। ऐसे में आम जनता को बिजली का मीटर लगाना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह उद्योग के मीटर के दाम बढ़े हैं, ऐसे में प्रदेश में पूंजी निवेश को कौन आएगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले सरकार ने बिजली अनुदान में कटौती कर उसे 125 यूनिट तक सीमित कर दिया था।
अग्निहोत्री ने कहा कि इस समय भारी भरकम बिल लोगों की कमर तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह सरकार ने गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन फ़ीस एक तरफ़ा बढ़ा दी। पहले अधिकतम सीमा 4 फ़ीसदी थी, जिसे अब 10 फ़ीसदी तक कर दिया। 50 हज़ार रूपए तक दो पहिया वाहन की फ़ीस 7 फ़ीसदी और कारों पर 10 फ़ीसदी हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसी तरह बसों के किराए बढ़ाए और अपने शासन में जयराम ठाकुर 50 फ़ीसदी किराए बढ़ा चुके हैं और न्यूनतम किराया 7 रूपए कर दिया है। यही नहीं, भाजपा सरकार में सीमेंट के दामों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। भाजपा शासन में सीमेंट के रेट में 100 रूपए की बढ़ोतरी हुई है और दाम 400 रुपए पार कर गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालयों में परीक्षा शुल्क बढ़ा दिया, जबकि पहले वादा किया था कि कोरोना काल में इन्हें नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने कहा कि निजी स्कूलों में फ़ीसें नहीं लेंगे, लेकिन बाद में कह दिया कि इन्हें लेने के लिए स्कूल प्रबंधन स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों की बढ़ोतरी तो लगातार चल ही रही है। अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार के तौर तरीक़े अब ज़्यादा बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार कल्याणकारी सरकार नहीं है और जनता को खुलेआम लूट रही है।
