शिमला। हरियाणा विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति सभापति भरत भूषण बत्तरा की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय पहुंची, जिसमें समिति सदस्य अशोक अरोड़ा, जगमोहन आनंद तथा उमेद सिंह भी शामिल थे। इस अवसर पर उप-मुख्य सचेतक हिमाचल प्रदेश सरकार केवल सिह पठानिया तथा विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा भी विशेष तौर पर उपस्थित थे।
समिति ने विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से उनके कार्यालय कक्ष में भेंट की तथा कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। भेंट के दौरान समिति ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को हरियाणा विधानसभा की आश्वासन समिति की कार्य प्रणाली, क्रिया-कलापों तथा कार्यशैली बारे अवगत करवाया तथा समय-समय पर समिति द्वारा लिए जा रहे निर्णयों बारे भी जानकारी उपलब्ध करवाई। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने समिति का अतिथ्य सत्कार करते हुए उन्हें हिमाचली टोपी व मफलर पहनाकर सम्मानित किया।
बैठक के दौरान समिति को अवगत करवाते हुए पठानिया ने कहा कि कौंसिल चैम्बर देश की राष्ट्रीय एसैम्बली का प्रथम भवन है, जिसका निर्माण 1920-1925 के बीच हुआ था। तब इस पर 10 लाख रुपये व्यय किए गए थे। पठानिया ने कहा कि विठ्ठल भाई पटेल, सरदार पटेल के अग्रज थे तथा फ्रेडरिक वाईट को 2 मतों से पराजित कर वर्ष 1925 में देश की पहली राष्ट्रीय असैम्बली के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 में अध्यक्ष के आसन वाली टिक से बनी कुर्सी तत्कालीन बर्तानिया सरकार को बर्मा सरकार द्वारा उपहार स्वरूप भेंट की गई थी।
पठानिया ने कहा कि महिलाओं को मताधिकार के अधिकार वाला प्रस्ताव भी इसी सदन में पारित हुआ था, जबकि अंग्रेजो भारत छोड़ो की शुरूआत भी यहीं से हुई थी। पठानिया ने कहा कि हमने शीतकालीन सत्र से शून्यकाल आरम्भ कर दिया था। उन्होंने कहा कि समिति बैठकों में अब माननीय सदस्य ऑनलाईन भी भाग ले सकेंगे ताकि बैठक का कोरम पूरा हो सके।
इस अवसर पर पठानिया ने समिति को कौंसिल चैम्बर तथा सदन के इतिहास से सम्बन्घित पुस्तकें तथा हिमाचल प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष द्वारा जारी निर्देश तथा प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियम की एक-एक प्रति भेंट की।
भेंट उपरान्त विधानसभा अध्यक्ष ने समिति को सदन का अवलोकन भी करवाया तथा सदन के इतिहास, बैठने इत्यादि की व्यवस्था व सदन संचालन की जानकारी दी। समिति ने सदन के रख-रखाव के लिए विधानसभा अध्यक्ष की प्रशंसा भी की।
