कहा – कांग्रेस सरकार को विरासत में मिला 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज़
कांग्रेस सरकार ने भाजपा सरकार का कर्ज उतारने और विकास कार्यों के लिए उठाया 30 हजार करोड़ रुपए का कर्ज़
शिमला। हिमाचल प्रदेश में कर्ज को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जबानी जंग और तेज हो गई है। इस कड़ी में प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भाजपा पर तीखे हमले बोले। उन्होंने इस संबंध में विपक्षी भाजपा द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि कांग्रेस सरकार ने वह पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए कर्ज उठाया है।
राजेश धर्माणी ने बुधवार को यहां प्रेस वार्ता में कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद जब कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने 11 दिसंबर 2022 को सत्ता संभाली तब उनकी सरकार को 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज़ उन्हें भाजपा से विरासत में मिला था। उन्होंने कहा कि इसके अलावा कर्मचारी और पेंशनरों की 10 हजार करोड़ रुपए की देनदारी भी उन्हें विरासत में मिली। उन्होंने कहा कि जिनकी वजह से प्रदेश का कर्ज बड़ा, आज वही लोग सरकार पर दोषारोपण कर रहे हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सुक्खू सरकार बेहतर कर सकती है और कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री ने कई सख्त फैसले और निर्णय लिए, जिसकी वजह से आज सरकार ने 2631 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया है। उन्होंने भाजपा के उन आरोपों का नकारा, जिसमें भाजपा नेता सरकार पर बार-बार लोन लिए जाने की बात कर रहे हैं और उसे उपयोग में नहीं ला रहे हैं।
राजेश धर्माणी ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है तब से अब तक सरकार ने 30 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें से 9337 करोड़ रुपए का कर्ज पूर्व की भाजपा सरकार के अंतिम साल में लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए लिया गया।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक 18854 करोड़ रुपए का लोन ब्याज सहित वापस कर लिया है जो 63 फीसदी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जो लोन ले रही है, वह प्रदेश के विकास और लोगों की बेहतरी के लिए लिया जा रहा है।
फ्री-बीज़ पर बात करते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि रेवड़िया बांटने का काम बीजेपी की सरकार ने जाते-जाते किया और बाहर प्रचार किया जा रहा है कि कांग्रेस मुफ्त की रेवड़ियां बांटने में लगी हुई है। जबकि हकीकत यह है कि राज्य सरकार ने कई ऐसी योजनाएं शुरू की है जो प्रदेश के कमजोर वर्गों और प्रदेश की बेहतरी के लिए चलाई जा रही हैं।
केंद्र सरकार कर रही सौतेला व्यवहार – धर्माणी
राजेश धर्माणी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से हिमाचल को अभी तक आपदा राहत राशि का कोई पैसा नहीं मिला है। यही नहीं, केंद्र सरकार ओपीएस का 9000 करोड़ रुपए भी हिमाचल को वापस नहीं कर रही है। उन्होंने चिंता जताई कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट में भी तेजी से कट लग रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2021-22 में हिमाचल को 10249 करोड़ रुपए की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट मिली थी। जो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में घटकर 6259 करोड़ रुपए मिली और अब 2025- 26 में यह घटकर 3257 करोड़ ही रह जाएगी।
धर्माणी की भाजपा को नसीहत – मदद नहीं कर सकते तो हिमाचल को बदनाम भी न करें
राजेश धर्माणी ने भाजपा के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि अगर वह केंद्र से हिमाचल को किसी तरह की मदद नहीं दिला सकते तो कम से कम वह हिमाचल को बदनाम न करें। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के नेता प्रदेश और प्रदेश के लोगों का हित चाहते हैं तो वह उनके साथ दिल्ली चलकर हिमाचल का हक दिलाने में सरकार की मदद करें।
