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शिमला। नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने मंगलवार को यहां हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान महत्त्वाकांक्षी माउंटेन सिटी परियोजना की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि शिमला के निकट जाठियादेवी में निर्मित होने वाली माउंटेन सिटी परियोजना शिमला की भीड़भाड़ को कम करने की दिशा में सहायक साबित होगी। यह परियोजना आधुनिक शहर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार के सतत् विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शिमला के विकास नगर में अत्याधुनिक व्यावसायिक परिसर का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विषय विशेषज्ञ सलाहकार की सेवाएं ली जाएगी। प्रदेश की पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना में कुशल नियोजन को सुनिश्चित किया जाएगा।

राजेश धर्माणी ने हिमुडा की परिसम्पत्तियों की जियो टैगिंग की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि हिमुडा को पर्यटन आधारित परियोजनाओं के निर्माण की दिशा में कार्य करना चाहिए। इसके दृष्टिगत प्रदेश के विभिन्न जिलों में भूमि की खरीद संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। जिला कांगड़ा के नरघोटा में प्रस्तावित पर्यटन गांव  परियोजना की भी समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिला कांगड़ा की ज्वालामुखी तहसील में मौहल भाटी में 125 कनाल भूमि की खरीद को स्वीकृति प्रदान की गई।

उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हिमुडा को  औद्योगिक क्षेत्रों में परियोजनाओं के निर्माण की दिशा में कार्य करना चाहिए। हिमुडा को परियोजनाओं के मार्केटिंग के लिए भी कार्य करना चाहिए। बैठक में एग्रीगेटर्ज और रेरा से प्राधिकृत रियल स्टेट एजेंटों की सेवाएं लेने के लिए विचार विमर्श किया गया।

बैठक में हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, प्रधान सचिव आवास देवेश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव हिमुडा संदीप कुमार, गैर सरकारी सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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