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कहा – शांता कुमार ने हिमाचल प्रदेश को बनाया था ऋण मुक्त 

शिमला। भाजपा के प्रदेश सचिव एवं विधायक्ष विनोद कुमार ने कहा है‌ कि‌ हिमाचल प्रदेश में यदि किसी सरकार ने कर्ज लेने की शुरूआत की है तो वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार ने की थी। इसके विपरीत 

पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने तो हिमाचल को कर्ज मुक्त किया था। 

विनोद कुमार ने बुधवार को यहां तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के कर्ज को लेकर दिए बयान को भ्रामक और तथ्यों से परे बताया। उन्होंने कहा कि राजेश धर्माणी ने पूर्व की भाजपा सरकार पर तथ्यों से परे, बिल्कुल झूठे आरोप लगाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जहां तक हिमाचल प्रदेश के ऋण की बात है तो मुझे ध्यान में है कि प्रदेश के पूर्व में रहे मुख्यमंत्री शांता कुमार जब हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने हिमाचल प्रदेश को कर्ज से मुक्त किया था। उन्होंने कहा कि शांता कुमार इस सोच को लेकर के चले थे कि हमने हिमाचल प्रदेश को कर्ज लिए बिना विकास को गति देते हुए आगे लेकर के जाना है। 

विनोद कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अगर ऋण लेने की शुरुआत किसी सरकार ने की है तो कांग्रेस पार्टी की वीरभद्र सिंह की सरकार ने की थी। पहली बार ऋण उस वक्त लिया गया जब वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री थे। जहां तक बात आती है इस प्रदेश को कर्जे में डुबोने की, तो आप सारे आंकड़ों को निकाल कर देख सकते हैं कि किसकी सरकार ने कितना ऋण लिया और किस सरकार ने कितना ऋण वापस भी किया है। 

विनोद कुमार ने कहा, “वह सबसे कहना चाहते हैं कि पूर्व भाजपा मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की 2007 से 2012 तक की सरकार बनी, आप सबके ध्यान में है और सरकार ने केवल 7466 करोड़ रुपए रुपया ऋण लिया और वह भी प्रदेश के विकास को करने के लिए लिया गया और अगर मैं आप 2007 से 2012 तक की सरकार को देखेंगे, चाहे आम जनन मानस की बात हो, चाहे कर्मचारियों की बात हो उसमें आमजन को भी पूरी तरह से खुश करने का काम किया था। आमजन की बेहतरी के लिए काम किया गया था, उस सरकार के माध्यम से और मुझे ध्यान में है क्योंकि मैं उस वक्त राजनीति में नहीं था, लेकिन कर्मचारियों को 4-9-14 देने का काम किया था और कर्मचारियों की जो सैलरी सीधे दो गुना हुई गई थी, यानी डबल हुई थी। तो वो काम अगर करने का काम किया था, तो धूमल की भाजपा सरकार ने करने का काम किया था।” 

विनोद कुमार ने कहा कि 2012 से 2017 तक कांग्रेस पार्टी की सरकार वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में चली। उस सरकार ने 22947 करोड़ रुपए का ऋण प्रदेश के विकास कार्य के लिए था। उस सरकार के माध्यम से लिया गया और कुल मिलाकर के इन पाच वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश के ऊपर कुल 47966 करोड़ रुपए का ऋण हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की वीरभद्र सिंह की सरकार छोड़ कर के गई थी। 2017 में चुनाव हुआ और फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में बनी। उस समय जयराम ठाकुर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उस समय 5 साल में सरकार ने कोरोना जैसी महामारी के बावजूद केवल 18 हजार करोड़ रुपए के लगभग लोन लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का काम केवल मात्र झूठ बोलना, जनता को भटकाना और भ्रम पैदा करना है।

By admin

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