शिमला। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में आगजनी की लगातार बढ़ती घटनाओं को रोकने को लेकर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बुधवार को यहां मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से चर्चा की। इस दौरान प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। विशेषकर सर्दियों के मौसम में ऐसी घटनाएं अधिक होती हैं, जिसको देखते हुए अधिक प्रभावशाली कदम उठाए जाने चाहिए।
शहरी विकास मंत्री ने सुझाव दिया कि अग्निशमन संयंत्र उपलब्ध करवाने के साथ प्रत्येक पंचायत में वर्षा जल भण्डारण टैंक निर्मित किए जाने चाहिए। सुरेश भारद्वाज ने इस दौरान सीएम को शिमला के ग्रामीण क्षेत्रों जहां आगजनी की घटना में कई मकान जल गए थे, वहां की जानकारी दी। इस दौरान मंत्री ने कहा कि इन स्थानों में आग लगने का प्रमुख कारण अग्निशमन केन्द्र का दूर होना रहा, जिसके कारण आग बुझाने के कार्य में विलम्ब हुआ।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में लकड़ी से बने मकानों में आग लगने की अधिक संभावनाओं को देखते हुए प्रत्येक पंचायत में वर्षा जल भंडारण की सुविधा आवश्यक है, ताकि फायर टेंडर फिर से टैंक भर सकें। अक्सर देखा गया है कि आग लगने की स्थिति में फायर टेंडर को रिफिलिंग के लिए पानी का स्रोत नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि अगर सभी पंचायतों में आग बुझाने के उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो लोग स्वयं समय पर अग्निशमन अभियान शुरू कर सकते हैं। शुरूआत में ही आग पर नियंत्रण पाने से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि कई मामलों में लोग आग बुझाने का कार्य शुरू नहीं कर सके, क्योंकि न तो पर्याप्त पानी था और न ही कोई अन्य उपकरण और उन्हें फायर टेंडर के लिए इंतजार करना पड़ा। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने हाल ही में शिमला जिले के रोहड़ू के बागी गांव का दौरा किया, जहां गांव में भीषण आग लगने के कारण 16 परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं से जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और मंत्री द्वारा दिए गए सुझावों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा।
