कुल्लू। कोरोना मरीजों का मनोबल बढ़ाने तथा उनके स्वास्थ्य को जानने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी, एसडीएम, चिकित्सक, बीडीओ व अन्य अधिकारी हर रोज कम से कम पांच-पांच मरीजों अथवा उनके परिजनों से मोबाईल के माध्यम से संवाद करेंगे। इससे लोगों में सकारात्मकता का वातावरण विकसित होगा और साथ ही बीमारी व उपचार की फीडबैक भी प्राप्त होगी। यह बात शिक्षा व कला, भाषा एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर मंगलवार को जिला मुख्यालय कुल्लू में अधिकारियों के साथ कोविड-19 की स्थिति को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कोरोना से लड़ने के संदेश इस प्रकार के वार्तालाप से मरीजों व परिजनों तक पहुंचेगें। मरीजों से किए जाने वाले वार्तालाप का प्रचार-प्रसार मीडिया के माध्यम से भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड केयर केंद्रों में विचाराधीन मरीजों की अनेक छोटी-छोटी जरूरतें होती हैं, इनकी पूर्ति के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। शौचालयों में सफाई की व्यवस्था के लिए समर्पित सफाई कर्मी की तैनाती हो जो किट पहनकर इस कार्य को अच्छे से कर सके। इन केंद्रों में कोविड मरीजों की सहायता करने के लिए स्वेच्छा से नेगेटिव आ चुके लोगों की सेवाएं ली जा सकती हैं। खाने की गुणवत्ता को हर हालत में सुनिश्चित करवाया जाना चाहिए।
हिम सुरक्षा अभियान कर्मियों की भूमिका अहम
गोविंद ठाकुर ने कहा कि जिला में हिम सुरक्षा अभियान जोरों पर हैं, जिसके माध्यम से एक्टिव मामलों व गंभीर बीमारियों का पता लगाने में मदद मिल रही है। अभियान के दौरान 469 टीमें लगभग 4.79 लाख लोगों तक पहुंचेगी। अभी तक 1.62 लाख लोगों को कवर किया है, जिनमें 1973 कोविड-19 के आशंकित लोग, 834 क्षयरोग, 53 कुष्ठरोगियों का पता लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान से जुड़ी आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्य काफी मुश्किल व जिम्मेवारी का है। इनका होंसला बढ़ाने के लिए उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी व खंड चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि सप्ताह में एक बार वीडियो कान्फ्रेसिंग से इन सभी कर्मियों से बातचीत करें। इनकी कुशल क्षेम पूछें। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कोरोना योद्धा की भूमिका में जुटे सभी डाक्टरों से पांच पांच के समूह में हर रोज बातचीत करें। साथ ही स्टाफ नर्सों व अन्य पैरा मैडिकल स्टाफ से भी बातचीत की जानी चाहिए।
सुविधाओं से लैस होगा जिला कोविड केयर सेंटर
गोविंद ठाकुर ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू को नया प्रशासनिक खण्ड मिलने के बाद पुराने अस्पताल की दो मंजिलों को कोविड केयर सेंटर के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसमें 100 बिस्तरों की व्यवस्था होगी। इस केन्द्र को सभी मूलभूत सुविधाओं से लैस करने का कार्य प्रगति पर है। सभी बिस्तरों के साथ आॅक्सीजन प्रणाली, फूड वार्मर, इलैक्ट्रिक केतली, स्टीमर, ब्लोअर की सुविधा होगी। यह केन्द्र अगले 5-6 दिनों में काम करना शुरू करेगा। इसमें कुल्लू, लाहौल-स्पिति, पांगी के अलावा मण्डी जिला के कुछ भागों के मरीजों की देखभाल की जा सकेगी। केवल रैफरल मामले ही अब नेरचैक मेडिकल अस्पताल जाएंगे।
जिला को कोरोनामुक्त बनाने के लिए करें पुरजोर प्रयास
गोविंद सिंह ने सभी अधिकारियों से कहा कि सरकार की एसओपी व दिशा-निर्देशों की शत-प्रतिशत अनुपालना समाज में सुनिश्चित बनाई जाए तो जिला को कोरोनामुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक समारोहों में 50 से अधिक लोग एकत्र न हो और वे भी पूरी सतर्कता के साथ। कोरोना पाॅजिटिव कोई भी व्यक्ति बाहर खुले में न घूमें और सभी प्राईमरी सम्पर्कों का समय पर टेस्ट सुनिश्चित किया जाए। इस प्रकार के सभी प्रबंध यदि किए जाए तो आने वाले कुछ ही दिनों में जिला को कोरोनामुक्त किया जा सकता है। उन्होंने इस कार्य में पंचायती राज संस्थानों, महिला व युवक मण्डलों व स्वयं सेवी संस्थानों के प्रतिनिधियों का सहयोग लेने की भी बात कही।
अधिकारी मोबाईल फोन आन रखें व अकारण अवकाश पर न जाएं
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 का यह दौर बड़ी आपदा बनकर सामने आया है। इससे निपटने के लिए अधिकारियों को अतिरिक्त प्रयास करने की आवश्यकता है। इसलिए अधिकारी हर समय अपना फोन आन रखें और सुनें। कभी भी आपकी सेवाओं की आवश्यकता पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि केवल आवश्यक कारणों से ही अवकाश पर जाएं। अवकाश के लिए बहाना बनाना ठीक नहीं। ऐसी स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। बंजार के विधायक सुरेन्द्र शौरी, डीसी डॉ. ऋचा वर्मा, एसपी गौरव सिंह, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एस.के. पराशर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे जबकि आनी व निरमण्ड से अधिकारी वर्चुअली इस बैठक से जुड़े।

