शिमला। शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में हो रही देरी को लेकर भाजपा द्वारा की जा रही राजनीति को मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने गलत बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। जिला परिषद के चुनाव को लेकर जिला उपायुक्त (डीसी) शिमला नियमानुसार निर्णय लेंगे।
नरेश चौहान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज के समय में विपक्ष के पास जनता से जुड़े कोई मुद्दे नहीं हैं। विपक्ष पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुका है और इसी कारण ऐसे विषयों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है।
एमआईएस में गड़बड़ी हुई तो होगी जांच
एमआईएस के तहत बागवानों से खरीदे गए सेब में कथित अनियमितताओं के सवाल पर नरेश चौहान ने कहा कि बागवानों ने एमआईएस में अपना सेब दिया है। संबंधित विभाग से यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी के संकेत मिले हैं तो पूरे मामले को देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की धांधली हुई होगी तो उसकी जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर किसान-बागवानों के हितों से जुड़ा हुआ है और प्रदेश सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। पिछली बार सरकार ने बागवानों से 100 करोड़ रुपये से अधिक का सेब खरीदा था। ऐसे में यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो सरकार इसकी जांच करवाएगी।
एमआईएस के तहत 45 करोड़ रुपए की पेमेंट जारी
नरेश चौहान ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने एमआईएस के तहत बागवानों की 45 करोड़ रुपये की लंबित पेमेंट जारी की है। उन्होंने कहा कि सरकार बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और एमआईएस से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जा रहा है।
