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रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग बॉडी की बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश

क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय 

अस्पताल को 91 लाख रुपये के आधुनिक चिकित्सा उपकरण मिलेंगे 

डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाने, पोस्टमार्टम सुविधा सुलभ बनाने और जरूरतमंदों की निःशुल्क जांच के निर्देश 

बिलासपुर। जिला मुख्यालय बिलासपुर स्थित बचत भवन में सोमवार को रोगी कल्याण समिति, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने की। बैठक में क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने, मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करवाने, आधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सुविधाजनक और मरीज-केंद्रित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को मरीजों की सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 

अस्पताल को 91 लाख रुपये के आधुनिक चिकित्सा उपकरण होंगे उपलब्ध 

बैठक में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद के लिए 91 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया। इस धनराशि से अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिससे मरीजों की जांच एवं उपचार सुविधाओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

डीएमएफटी के तहत उपलब्ध करवाई गई धनराशि में अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए 18 लाख रुपये, ऑफ्थैल्मिक एनडी याग लेजर मशीन के लिए 15 लाख रुपये, मौजूदा ऑपरेशन थिएटर में विद्युत कार्य के लिए 6 लाख रुपये, सी-आर्म मशीन के लिए 20 लाख रुपये, आर्थ्रोस्कोपी सेट के लिए 2 लाख रुपये, फेकोइमल्सीफिकेशन मशीन के लिए 20 लाख रुपये, आई टेबल के लिए 5 लाख रुपये तथा नवजात शिशुओं की जांच के लिए प्रोब सहित चार पैरा मॉनिटर के लिए 6 लाख रुपये शामिल हैं।

इन उपकरणों की उपलब्धता से क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, नेत्र रोगों के उपचार, ऑपरेशन थिएटर, हड्डी एवं जोड़ संबंधी उपचार तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी। आधुनिक मशीनरी उपलब्ध होने से मरीजों को बेहतर जांच एवं उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी और उन्हें उपचार के लिए अन्य बड़े अस्पतालों का रुख कम करना पड़ेगा।

न्यूनतम सेवा शुल्क में मामूली वृद्धि पर समिति की सहमति 

बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के न्यूनतम सेवा शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिस पर समिति ने सहमति व्यक्त की। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों से रोगी कल्याण समिति की बैठकों में इन सेवा शुल्कों में कोई वृद्धि नहीं की गई थी। अब विभिन्न जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं के अनुसार न्यूनतम शुल्क में मामूली वृद्धि की जा रही है, जिसमें कई सेवाओं के शुल्क में कम से कम पांच रुपये की वृद्धि की गई है।

आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की आवश्यक जांच निःशुल्क करने के निर्देश 

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि ऐसे मरीज जो आवश्यक जांच अथवा स्वास्थ्य सेवा के लिए निर्धारित शुल्क देने में असमर्थ हैं, उनके लिए निःशुल्क जांच की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू की जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की संस्तुति के आधार पर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को आवश्यक जांच एवं सेवाएं बिना शुल्क उपलब्ध करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आर्थिक असमर्थता के कारण किसी मरीज को आवश्यक जांच या उपचार से वंचित नहीं होना चाहिए।

क्षेत्रीय अस्पताल में बढ़ेंगी डायलिसिस मशीनें 

बैठक में क्षेत्रीय अस्पताल में डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या पर भी चर्चा की गई। सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल ने डायलिसिस सुविधा को और बेहतर बनाने के संबंध में विभिन्न सुझाव दिए। मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि जिले में डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए क्षेत्रीय अस्पताल में अतिरिक्त डायलिसिस मशीनें उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में 41 मरीजों के 3,732 डायलिसिस सत्र किए गए, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 40 मरीजों के 1,272 डायलिसिस सत्र किए जा चुके हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त डायलिसिस मशीनें उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के विषय पर भी बैठक में चर्चा की गई।

रक्तदाताओं को अब 150 रुपये तक का बेहतर किट 

बैठक में स्वैच्छिक रक्तदाताओं को उपलब्ध करवाए जाने वाले किट की राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। पहले रक्तदान के बाद करीब 30 रुपये की लागत से दूध, जूस अथवा अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है, ताकि रक्तदाताओं को बेहतर एवं पौष्टिक किट उपलब्ध करवाया जा सके। इससे स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करने में भी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल, उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

By admin

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