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धर्मशाला। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने मंगलवार को कांगड़ा जिला के फतेहपुर में श्री सर्व धर्म पीठ तपोस्थान, गुरुद्वारा श्री नानक ज्योत साहिब में नव-निर्मित मुख्य दरबार साहिब का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने श्रद्धालुओं, संतों, सेवादारों और अतिथियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह स्थान भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक समावेशिता और सद्भाव का एक जीवंत उदाहरण है जो सर्व धर्म समभाव की भावना को बढ़ाता है।

इस स्थान के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि मान्यता के अनुसार गुरु नानक देव जी अपनी तीसरी उदासी के दौरान इस स्थान पर रहे थे। यहां मिली प्राचीन कृतियां, पुराने नागनी माता मंदिर और पवित्र बरगद के वृक्ष इस बात का प्रमाण हैं कि यह क्षेत्र लंबे समय से तपस्या और साधना का केंद्र रहा है। 

गुरु नानक देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि समानता, करुणा, सेवा भाव और सत्य की उनकी शिक्षाएं वर्तमान परिपेक्ष्य में प्रासंगिक हैं और लोगों को मिल-जुलकर रहने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने मुख्य सेवादार संत बाबा श्री लवप्रीत जी महाराज के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस पवित्र स्थल को सर्व धर्म पीठ के रूप में विकसित करने की उनकी परिकल्पना भारत की प्राचीन समावेशी, सह-अस्तित्व और आध्यात्मिक सद्भाव की परंपरा को दर्शाती है।

राज्यपाल ने कहा कि एक ही परिसर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की स्थापना, मंदिर तथा अखंड ज्योति का होना सच्ची आध्यात्मिकता का प्रतीक है, जहां जाति, धर्म, सामाजिक स्थिति, शिक्षा या आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता और आस्था के द्वार सभी के लिए खुले रहते हैं।

गुरु अर्जुन देव की शहीदी दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने पांचवें सिख गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय बलिदान, साहस और सत्य, न्याय तथा मानवता के प्रति अटूट समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन लोगों को विपरीत परिस्थितियों में भी सेवा, धर्म और मानव कल्याण के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।

युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मादक पदार्थों का दुरुपयोग समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है और यह युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए खतरा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नियमित रूप से गुरुद्वारा साहिब में सेवा करें और अपने मित्रों तथा साथियों को भी इसके लिए प्रेरित करें। सेवा भावना, संगत का साथ और धार्मिक स्थलों का आध्यात्मिक वातावरण युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है तथा इससे वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि नशे के समूल नाश के लिए समाज, परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक संगठनों और युवाओं की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। एकजुट प्रयासों से ही हम नशा-मुक्त गांव, नशा-मुक्त हिमाचल प्रदेश और अंततः नशा-मुक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं।

कविंद्र गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि दरबार साहिब आध्यात्मिक जागरण, सामाजिक सद्भाव, सामुदायिक सेवा और राष्ट्रीय एकता का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरेगा। ऐसे पवित्र स्थल नैतिक मूल्यों के संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों को मानवता, निस्वार्थ सेवा तथा राष्ट्र निर्माण के आदर्शों के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. राजन सुशांत, जम्मू के पूर्व विधायक अश्विनी कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धार्मिक नेता और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

By admin

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