Spread the love

कहा – कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही हार स्वीकार कर ली, जनता के सवालों का जवाब देने की बजाय मुख्यमंत्री पद के सपने देख रहे मंत्री 

मंडी। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार आज पूरी तरह से जनता के सवालों के सामने बेबस और निरुत्तर दिखाई दे रही है। सरकार की स्थिति ऐसी हो गई है कि जब जनता विकास, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और आर्थिक कुप्रबंधन पर जवाब मांगती है तो मुख्यमंत्री और उनके मंत्री मुद्दों से भटकाने का प्रयास करने लगते हैं।

राकेश जम्वाल ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा प्रदेश के सामने रखे गए तथ्यों और आंकड़ों का जवाब देने के लिए आज तक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सामने नहीं आ पाए हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से जिन मंत्रियों को जवाब देने भेजा, वे भी मूल मुद्दों पर बोलने के बजाय इधर-उधर की बातें करते रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता आज भी इंतजार कर रही है कि सरकार बताए कि केंद्र से प्राप्त धनराशि, विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक क्यों नहीं पहुंच पाया।

जम्वाल ने कहा कि तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी का यह बयान कि अगला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नहीं, बल्कि बिलासपुर से होगा, कांग्रेस की मानसिक हार का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जब सरकार के मंत्री जनता के मुद्दों का जवाब देने के बजाय अगले मुख्यमंत्री की चर्चा करने लगें तो स्पष्ट हो जाता है कि कांग्रेस चुनाव से पहले ही अपनी हार स्वीकार कर चुकी है। कांग्रेस अब यह मान चुकी है कि प्रदेश में अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी की बनने जा रही है।

राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार हर असफलता के लिए केंद्र सरकार को दोष देती है, लेकिन जनता जानना चाहती है कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा स्वीकृत करवाई गई अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आज तक धरातल पर क्यों नहीं उतारा गया। आखिर किस कारण से विकास कार्यों को महीनों तक रोका जा रहा है और बार-बार टेंडर तथा री-टेंडर की प्रक्रिया के नाम पर जनता के पैसे और समय की बर्बादी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक किसी कार्य को अपने चहेतों तक पहुंचाने का रास्ता नहीं बन जाता, तब तक उसे जानबूझकर लटकाया जाता है। कई परियोजनाओं में आठ-आठ महीने तक टेंडर प्रक्रिया चलती रहती है और उसके बाद पुनः टेंडर निकाले जाते हैं। इससे विकास कार्य ठप पड़ रहे हैं और प्रदेश का आर्थिक नुकसान हो रहा है। 

राकेश जम्वाल ने कहा कि प्रदेश में चुनावों को अब बहुत अधिक समय नहीं बचा है, लेकिन सरकार का पूरा ध्यान विकास और जनहित की बजाय अपने राजनीतिक हितों को साधने में लगा हुआ है। जहां-जहां योजनाएं शुरू की जा रही हैं, वहां भी प्राथमिकता जनता नहीं बल्कि सरकार के करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने की दिखाई दे रही है। यही कारण है कि जनता के बीच कांग्रेस सरकार के प्रति निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। 

कानून व्यवस्था का पूरी तरह हुआ पतन, दिन दिहाड़े हो रहे गोलीकांड – जम्वाल 

राकेश जम्वाल ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। एक समय देश के सबसे शांत राज्यों में गिने जाने वाले हिमाचल प्रदेश में आज आम आदमी डर और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। अपराध बढ़ रहे हैं और प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। उन्होंने कहा कि शिमला में स्कूल संचालिका की दुखद मृत्यु का मामला प्रदेश की विफल कानून व्यवस्था का जीता-जागता उदाहरण है। वह लगातार सुरक्षा और सहायता की मांग करती रहीं, लेकिन उन्हें समय पर सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई गई। यह घटना सरकार और प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करती है।

जम्वाल ने कहा कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में गैंगवार और आपराधिक गतिविधियों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त होता जा रहा है और सरकार केवल तमाशबीन बनी हुई है। प्रदेश के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा माहौल बना है जब लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की नाकामियों को भलीभांति समझ चुकी है। विकास, रोजगार, कानून व्यवस्था और आर्थिक प्रबंधन हर मोर्चे पर सरकार विफल रही है। आने वाले समय में भाजपा इन सभी मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाएगी और कांग्रेस सरकार को उसकी विफलताओं का हिसाब देना होगा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *