कहा – जनता के दुख-दर्द से भाजपा नेताओं का कोई सरोकार नहीं
शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री विनोद ज़िंटा ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सत्ता के मद में चूर भाजपा नेताओं की संवेदनाएं पूरी तरह मर चुकी हैं। ओमान की खाड़ी के नज़दीक हुए अमेरिकी हमले के दौरान भारतीय नागरिकों की मौतों पर भाजपा के किसी भी वरिष्ठ नेता के मुख से संवेदना का एक शब्द तक नहीं निकला, जो उनकी अमानवीय और संवेदनहीन राजनीति को उजागर करता है।
ज़िंटा ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा हाल ही में शिमला दौरे पर आए, लेकिन उन्होंने हमीरपुर जिले से संबंधित उस भारतीय नागरिक की दुखद मौत पर न तो कोई शोक व्यक्त किया और न ही पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा नेताओं का जनता के दुख-दर्द से कोई सरोकार नहीं रह गया है। उनका पूरा ध्यान केवल राजनीतिक लाभ लेने, फोटो खिंचवाने और सत्ता की राजनीति करने तक सीमित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक के पास उस परिवार के लिए दो शब्दों की संवेदना तक नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत संवेदनहीनता नहीं, बल्कि भाजपा की जनविरोधी और अमानवीय सोच को दर्शाता है।
विनोद ज़िंटा ने कहा कि जेपी नड्डा की इस चुप्पी से ऐसा प्रतीत होता है मानो उन्हें हिमाचल प्रदेश के लोगों की पीड़ा से अधिक अमेरिका की चिंता हो। उन्होंने कहा कि हिमाचल का एक युवा अपनी जान गंवा देता है, लेकिन भाजपा नेतृत्व के पास उसके लिए संवेदना व्यक्त करने का समय तक नहीं है। यदि अपने ही प्रदेश के एक युवक की मृत्यु पर उनकी संवेदनाएं नहीं जागतीं, तो हिमाचल की जनता को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि आखिर भाजपा नेतृत्व की प्राथमिकताएं क्या हैं। यह हिमाचल प्रदेश और उसके स्वाभिमान का सीधा अपमान है।
केंद्र का हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार
विनोद जिंटा ने केंद्र की मोदी सरकार पर हिमाचल प्रदेश के साथ लगातार सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के हितों की रक्षा करने में भाजपा पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल तथा प्रदेश से चुनकर गए भाजपा सांसद दिल्ली में हिमाचल की आवाज़ उठाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। प्रदेश के अधिकारों और हितों की रक्षा करने के बजाय ये सभी नेता केवल केंद्रीय नेतृत्व को खुश करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की भीषण प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये की विशेष सहायता देने की जो घोषणा की गई थी, वह आज तक धरातल पर दिखाई नहीं दी। प्रदेश की जनता अभी भी उस सहायता का इंतजार कर रही है। भाजपा नेताओं ने बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन वास्तविकता यह है कि हिमाचल को उसका हक नहीं मिला।
ज़िंटा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में भाजपा को उसकी जनविरोधी, संवेदनहीन और प्रदेश विरोधी नीतियों का करारा जवाब मिलेगा। जनता अब भाजपा के झूठे प्रचार और खोखले दावों के बहकावे में आने वाली नहीं है। हिमाचल के सम्मान, अधिकारों और हितों की लड़ाई कांग्रेस पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।
