राहुल और सुक्खू बने भाजपा के ‘स्टार प्रचारक’, जहां जाते हैं वहां कांग्रेस साफ : राकेश जम्वाल
सुंदरनगर। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने नगर परिषद सुंदरनगर चुनावों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी 13 के 13 वार्डों में जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप करने जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सभी वार्डों में अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है और संगठन पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में है, जबकि कांग्रेस अभी तक अपनी सूची तक जारी नहीं कर पाई है। कई वार्डों में कांग्रेस के दो-दो उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे उनकी अंदरूनी कलह और कमजोर संगठन उजागर हो गया है।
जम्वाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ईवीएम को लेकर दिए गए बयान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह बयान पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम करने वाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ईवीएम इतनी ही “हैक” होने वाली मशीनें हैं, तो क्या कांग्रेस ने इन्हीं ईवीएम के जरिए हिमाचल में सरकार बनाई थी? यह कांग्रेस का दोहरा मापदंड और हार से उपजी हताशा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसी मशीन को नहीं, बल्कि जनता के दिलों को अपने विकास कार्यों, पारदर्शी शासन और मजबूत नेतृत्व से जीता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और सुशासन की नई मिसाल कायम हुई है, और यही कारण है कि जनता लगातार भाजपा के पक्ष में खड़ी हो रही है।
जम्वाल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू और राहुल गांधी आज भाजपा के “स्टार प्रचारक” बन चुके हैं। जहां-जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस का सफाया हो जाता है। पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में कांग्रेस की स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है और जनता अब उनकी नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह नकार रही है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को जानबूझकर 6 महीने तक लटकाया गया। कभी आपदा तो कभी मौसम का बहाना बनाकर चुनावों से भागने की कोशिश की गई, जिससे साफ है कि कांग्रेस को अपनी हार का डर पहले से ही सता रहा था।
राकेश जम्वाल ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल में विकास पूरी तरह ठप रहा है। पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा शुरू किए गए कार्यों को बंद करने और संस्थानों को डी-नोटिफाई करने का काम किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि नगर परिषद और पंचायत चुनाव सत्ता परिवर्तन का सेमीफाइनल साबित होंगे और जनता, कांग्रेस को करारा जवाब देगी।
