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हिमाचल प्रदेश में 180 से अधिक वन अधिकारियों, वन्यप्राणी विशेषज्ञों और पक्षी प्रेमियों की रही सक्रीय भागीदारी 

शिमला‌। हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष भी ग्रेट बैकयार्ड बर्ड कॉउंट का आयोजन किया गया। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का वार्षिक कार्यक्रम है, जो हर साल फरवरी में आयोजित होता है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों, विद्यार्थियों को पक्षियों की गणना में भाग लेने के लिए प्रेरित करना और पक्षियों के संरक्षण और जैव विविधता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह गणना इस वर्ष पूरे विश्व में 13 फरवरी से 16 फरवरी तक की गई। 

हिमाचल प्रदेश में इस कार्यक्रम का आयोजन 12 जिलो में किया गया जो कि वन विभाग हिमाचल प्रदेश, ई-बर्ड इंडिया और बर्ड काउंट इंडिया के  संयुक्त तत्वावधान से किया गया। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के 180 से अधिक वन अधिकारियों, जीवविज्ञानी, पक्षी विशेषज्ञ और पक्षी प्रेमियों ने भाग लिया। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों  के विद्यार्थीयों और स्थानीय पक्षी प्रेमियों ने भी इस समारोह में सक्रिय रूप से भाग लिया।

सभी प्रतिभागियों ने हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में सुनिशचित, विभिन्न, बर्डिंग हॉटस्पॉट में जाकर पक्षियों का अवलोकन किया और उनकी प्रजातिओं को ई-बर्ड के मध्यम से दर्ज किया। इस वर्ष हिमाचल प्रदेश में कुल 357 पक्षी प्रजातियों को रिकॉर्ड दर्ज किया गया। यह संख्या हिमाचल प्रदेश की समृद्धि, प्राकृतिक विविधता को दर्शती है। 

भारत वर्ष में ऐयोजित ग्रेट बैकयार्ड बर्ड काउंट में शामिल होने तथा 357 पक्षी प्रजातियॉं रिकॉर्ड करने के हिमाचल प्रदेश को 8वां स्थान प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि राज्य की जैव विविधता और सामुदायिक भागीदारी का प्रमाण है। कार्यक्रम के सफल संचालन में वन्य विशेषज्ञ समूह हिमाचल प्रदेश टीम की अहम भूमिका रही।

हिमाचल प्रदेश ग्रेट बैकयार्ड बर्ड कॉउंट 2026 के ई-बर्ड समन्वयक संतोष कुमार ठाकुर ने समन्वय एवं तकनीकी में सहयोग किया। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश पिछले 10 वर्षों से इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है और आज तक ई-बर्ड के माध्यम से 640 पक्षी प्रजातियां दर्ज करने में सफलता प्राप्त की जा चुकी है। 

पिछले तीन वर्षों की गणना के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2024 मे 322 पक्षी प्रजातियां मिली।वर्ष 2025 मे 326 पक्षी प्रजातियां और 2026 मे 357 पक्षी प्रजातियों को दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में निरंतर भाग लेने से पिछले वर्षों में जहाँ धीरे-धीरे हिमाचल प्रदेश के सभी स्थानों तक पहुंचने में सफल हुए हैं, वहीं जागरूकता के कारण पक्षी प्रेमियो की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। यह हिमाचल प्रदेश की समृद्धि और जैव विविधता का एक प्रतीक है।

ग्रेट बैकयार्ड बर्ड कॉउंट 2026 के दौरान भारत वर्ष में 1090 पक्षी प्रजातियों को देखा गया। इनमें से हिमाचल प्रदेश में 357 पक्षी प्रजातियों को देखा गया। इसमें हिमाचल प्रदेश, भारत वर्ष में सभी जिलों में गणना करवाने वाला पहला राज्य बना।

प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वाइल्ड लाइफ) एवं चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन, वन्यप्राणी विंग आर. लालूनसांगा ने कहा कि ग्रेट बैकयार्ड बर्ड कॉउंट जैसे कार्यक्रम में आम लोगों को प्रकृति से जुड़ने का अच्छा अवसर देता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की गतिविधि न केवल पक्षियों की स्थिति समझने में मदद करती है, बल्कि संरक्षण की दिशा में सामुहिक प्रयासों को मजबूत करती है। इस आयोजन ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि सामुदायिक भागीदारी से जैव विविधता संरक्षण को गति दी जा सकती है।

उधर, अरण्यपाल वन्यप्राणी वृत शिमला दक्षिण प्रीति भंडारी ने कार्यक्रम में जुड़े सभी समन्वयकों और प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि जब हम संयुक्त भाव से किसी भी कार्यक्रम को करते हैं तो उस कार्यक्रम में सफलता मिलना स्वभाविक है। उन्होंने प्रदेश के सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे सभी इसी तरह वन्यप्राणी सरंक्षण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करते रहें। 

जिलावार पक्षी प्रजातियां 

1. कांगड़ा                  257 

2. सिरमौर                 192

3. चंबा                     142 

4. मंडी                     130

5. सोलन                  128 

6. हमीरपुर.               95

7. शिमला                 93

8. कुल्लू                   92

9. बिलासपुर             82

10. ऊना                 70 

11. किन्नौर             54 

12. लाहौल-स्पीति   38 

By admin

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