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जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित 

कुल्लू। देव सदन कुल्लू में शुक्रवार को जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एवं कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने की। बैठक में विधायक मनाली भुवनेश्वर गौड, विधायक बंजार सुरिंदर शौरी, मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेस राम आज़ाद, उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा, पुलिस अधीक्षक मदन लाल, अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार सहित समिति के गैर-सरकारी एवं सरकारी सदस्य उपस्थित रहे। 

इस बैठक में सड़क, पेयजल, बस सेवा, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल की भूमि हस्तांतरण, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित लगभग 70 मदों पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त पूर्व में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।

समिति के अध्यक्ष एवं विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की यह बैठक लंबे अंतराल के बाद आयोजित की गई। बैठक में लगभग 70 से अधिक मदों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिनमें पुराने लंबित मामलों का समाधान भी किया गया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों ने विषयवार मदें पूर्व में प्रेषित की गई थीं। उन्होंने कहा कि अधिकांश शिकायतें सड़कों, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कुछ मामलों में राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित रहीं। उन्होंने कहा कि आउटर सराज क्षेत्र के आनी और निरमंड उपमंडलों कुछ विभागों के मुख्यालय रामपुर में हैं। बैठक में यह भी संज्ञान लिया गया कि कुछ विभागों के अधिकारी, जिनका मुख्यालय रामपुर अनुपस्थित रहे। इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि शिकायत निवारण समिति की बैठकों तक ही सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा समय-समय पर उठाए गए मुद्दों का भी नियमित समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी बताया, जिसमें अधिकांश मदों का निपटारा किया गया। भविष्य में इन बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने पर बल दिया गया। 

सुंदर ठाकुर ने कहा कि पोस्ट डिजास्टर और मिटिगेशन कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। बैठक में निर्देश दिए गए कि आगामी बरसात के मौसम से पूर्व सभी कार्यों का तेजी से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से वे संवेदनशील स्थल, जहां पूर्व वर्षों में बाढ़ अथवा भू-धंसाव की घटनाएं हुई हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यास नदी के किनारे, विशेषकर कुल्लू-मनाली क्षेत्र में मिटिगेशन कार्य तेजी से प्रगति पर हैं और प्रयास है कि मई-जून से पूर्व अधिकांश कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।

उन्होंने बताया कि कूड़ा निष्पादन को लेकर भी ठोस रणनीति पर चर्चा की गई। भविष्य में प्रत्येक क्षेत्र को अपने कचरे के निपटान की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। सूखे और गीले कचरे के सेग्रिगेशन पर विशेष जोर दिया जाएगा। कसोल में एमआरएफ साइट का निर्माण प्रगति पर है तथा नई एमआरएफ साइट्स की स्थापना पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। 

By admin

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