शिमला। हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाया गया वोट चोर अभियान केवल मात्र कागज का एक बंडल है, जिनको कांग्रेस नेताओं मे शनिवार को शिमला से दिल्ली एक गाड़ी में रवाना किया है। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी के इस वोट चोर अभियान को एक आधारहीन अभियान के रूप में जाना जाएगा, क्योंकि कांग्रेस के नेता स्वयं ही दो-दो वोट बनाने में माहिर हैं।
कपूर ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पास कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए केवल मात्र वोट पर शोर मचाने से वह अपनी राजनीति को जिंदा रखने का सफल प्रयास कर रहे हैं। यह सच्चाई तो कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को भी पता है, लेकिन केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय के दबाव में एक अभियान को चलाना कांग्रेस पार्टी के नेताओं की मजबूरी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अगर इस अभियान में कुछ सच्चाई होती तो राहुल गांधी इलेक्शन कमीशन को एक एफिडेविट भी देते और लिखित में शिकायत भी दर्ज करते, पर ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। क्योंकि यह सारा अभियान ही मनगढ़ंत बनकर रह गया। उन्होंने कहा कि पिछले संसदीय सत्र में राहुल गांधी और कांग्रेस के नेताओं ने मिंटा देवी नाम की एक महिला की तस्वीर को टी-शर्ट पर छपवाकर संसद पहुंचे थे, जिसके बाद शाम को उस महिला ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की जमकर आलोचना की। राहुल गांधी नकली नाम, नकली फोटो और नकली मुद्दा लेकर समय समय पर बोलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास कोई मुद्दा नहीं रह गया है, इसलिए अलग-अलग मुद्दे लाकर वह जनता का ध्यान भटकने का प्रयास करते हैं जिसमें वह पूरी तरह असफल साबित हुए हैं।
कांग्रेस भवन के हाल में लगे थे विक्रमादित्य और सुखविंदर के अलग-अलग नारे : कपूर
त्रिलोक कपूर ने कहा कि कांग्रेस के नेता गुटों की बात कर केवल मात्र अपनी गुटबाजी को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं कांग्रेस पार्टी में अंतर्कलह बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसी अंतर्कलह को छुपाने के लिए बार-बार कांग्रेस के नेता गुटों को लेकर बयानबाजी करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस भवन में कैसे मुख्यमंत्री और विक्रमादित्य सिंह के अलग-अलग नारे लगे थे और ऐसा नहीं है कि यह नारे अलग-अलग स्थान पर लगे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भवन के एक ही हॉल में टेबल के आर-पार ऐसे नारों का प्रयोग किया गया था, जिससे स्थिति स्पष्ट हो गई थी कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की हालत ठीक नहीं है।
