कहा – जिला में पर्यटन गतिविधियों को दिया जा रहा है बढ़ावा, बढ़ेगी व्यापारिक गतिविधियां और युवाओं को मिलेगा रोजगार
बिलासपुर। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि फोरलेन बनने से स्वारघाट, बरमाणा और बिलासपुर शहर की व्यापारिक गतिविधियों में गिरावट आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन क्षेत्रों में व्यापार को पुनः सशक्त करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लुहणु मैदान से बिलासपुर को सीधे फोरलेन से जोड़ने के लिए पुल निर्माण की डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बिलासपुर और घुमारवीं के बीच शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और शिक्षण संस्थान खोलने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे ताकि व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। वे रविवार को यहां बिलासपुर व्यापार मंडल द्वारा जिला के सभी व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के जनरल हाउस को संबोधित कर रहे थे।
राजेश धर्माणी ने कहा कि जिला बिलासपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च केंद्र स्थापित करने के लिए सभी विधायक जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात करेंगे और इस संस्थान को बिलासपुर में स्थापित करने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला का विकास ही हमारी राजनीति का उद्देश्य है और इसके लिए सभी विधायक, चाहे किसी भी दल से हों, एकजुट रहेंगे।
राजेश धर्माणी ने बताया कि हाल ही में जयपुर में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में पहाड़ी क्षेत्रों पर जीएसटी दरों के दुष्प्रभाव का मुद्दा मजबूती से उठाया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अब दरों को कम करने की दिशा में विचार कर रही है, जिससे सीधे तौर पर व्यापारियों और आम जनता को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में पर्यटन गतिविधियों को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। वाटर टूरिज्म और एयरो स्पोर्ट्स टूरिज्म की शुरुआत हो चुकी है और आने वाले समय में पर्यटन से व्यापारियों को सीधा लाभ होगा। युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और सशक्त होगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार नई योजनाएं बना रही है। जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। छोटे व्यापारियों के लिए मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना को और अधिक लचीला बनाया गया है। फल-सब्जी विक्रेता, ढाबा मालिक, रेहड़ी-पटरी वाले और 10 लाख रूपए से कम टर्नओवर वाले छोटे कारोबारी ‘वन टाइम सेटलमेंट’ सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। लोन पर लगने वाला ब्याज सरकार वहन करेगी। इस योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। छोटे व्यापारियों को 50 हजार रूपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें ब्याज का आधा हिस्सा सरकार वहन करेगी। इस योजना से 75 हजार से अधिक छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि एम्स बिलासपुर की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस संस्थान के निर्माण में जगत प्रकाश नड्डा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन इसे बिलासपुर लाने का श्रेय कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को जाता है।
इस अवसर पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेंद्र पंडित ने शहर को सीधे फोरलेन से जोड़ने और रात के समय मंडी व भराड़ी के लिए बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग रखी। मंत्री धर्माणी ने आश्वासन दिया कि इन सभी मांगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में विधायक झंडूता जीत राम कटवाल, विधायक सदर त्रिलोक जमवाल, नगर परिषद अध्यक्ष कमल गौतम, जिला परिषद सदस्य गौरव, वरिष्ठ पत्रकार जय कुमार, सहित व्यापार मंडल पदाधिकारी प्रकाश चन्द गुप्ता, नरेंद्र पंडित, चमन गुप्ता, नगीन चन्द, तरूण टाडू, सुमित गुप्ता, विजय सोनी, विजय कुमार, नरेन्द्र गुप्ता, अर्पण सन्त, पुनीत शर्मा, राम लाल, राज कुमार राय, विजय चन्देल, जोगेन्द्र ठाकुर, चन्द्र शेखर हाण्डा, टेक चन्द सेनी, राजू खन्ना तथा विभोर शर्मा मौजूद रहे।
