परिवहन विभाग ने एक साल में एकत्र किया 912 करोड़ रुपए का राजस्व, मौजूदा वित्त वर्ष में एक हजार करोड़ रुपए का लक्ष्य
अब नहीं रहेगी एमवीआई की जरूरत, एटीएस खोलने लगी सरकार, बद्दी से होगी शुरूआत
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के बेरोजगारों को स्वरोजगार प्रदान करने को नए निजी क्षेत्र में रूट परमिट जारी करेगी। परिवहन विभाग एक हजार नए रूट परमिट जारी करेगा। इससे प्रदेश के हजारों युवाओं के रोजगार के अवसर मिलेंगे। परिवहन विभाग पिछले 2 सालों में अब तक निजी क्षेत्र में 27 हजार रूट परमिट दे चुका है। यह बात उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कही।
अग्निहोत्री ने कहा कि परिवहन विभाग राजस्व एकत्रित करने में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2024-25 में परिवहन विभाग ने 912 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र किया है। यह राजस्व पिछले साल के मुकाबले 132 करोड़ रुपए अधिक है। इसमें 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विभाग यह राजस्व 1 हजार करोड़ पार कर जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल तक विभाग ने 150 करोड़ रुपए की आय और अर्जित की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मेें गाड़ियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। पिछले 1 साल के डेढ़ लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड हुई हैं। प्रदेश में कुल 23 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड हो चुकी है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 2 सालों से केंद्र सरकार से परिवहन विभाग को अवार्ड मिल रहे हैं। यह अवार्ड विभाग की परफॉरमेंस के आधार पर दिए जा रहे हैं। पिछले साल जहां विभाग को केंद्र की ओर से 25 करोड़ रुपए अवार्ड मनी मिली थी, वहीं इस साल 28.71 करोड़ रुपए अवार्ड मनी मिली है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग ई-नीलामी से फैंसी नंबर बेच कर भी बेहतर कमाई कर रहा है। अभी तक विभाग फैंसी नंबर बेचकर 37 करोड़ रुपए की कमाई कर चुका है।
अब नहीं रहेगी एमवीआई की जरूरत, एटीएस खोलने लगी सरकार, बद्दी से होगी शुरूआत
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में अब पासिंग के लिए परिवहन विभाग नई तकनीक से काम रहा है। वाहन की पासिंग के लिए अब धीरे-धीरे एमवीआई की जरूरत खत्म हो रही है। प्रदेश में 7 ऑटोमैटिक वाहन टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) खोले जा रहे हैं, जिनमें वाहनों की पासिंग मशीनों से होगी। प्रदेश में सबसे बड़ा एटीएस बद्दी में 21 करोड़ रुपए की लागत से खोला जा रहा है। इसके अतिरिक्त बिलासपुर, रानीताल, मंडी, नालागढ़ और हरोली व नादौन में ये सैंटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सोलन व हमीरपुर में दो स्क्रैपिंग केंद्र शुरू हो गए हैं, जिसमें 400 गाड़ियां स्क्रैप हो चुकी हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ई-वाहनों की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश में 23 पेट्रोल पंप पर कंपनियों ने ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर दिए हैं। वहीं, सरकार इस वर्ष 88 नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगी।
विशेष पथ कर एकत्रित करने का परिवहन विभाग बनाएगा अपना पोर्टल
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बाहरी राज्यों के वाहनों से विशेष पथ कर एकत्रित करने के लिए परिवहन विभाग अब अपना पोर्टल बनाएगा। पहले यह विषेश पथ कर केंद्र के पोर्टल पर लिया जाता था, लेकिन केंद्र सरकार ने अब यह बंद कर दिया है। लेकिन मौजूदा समय में यह मैन्युअल लिया जा रहा है। इसके लिए विभाग अब अपना पोर्टल बनाएगा, जिस पर यह टैक्स लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक पर्यटन राज्य है और दूसरे राज्य की बहुत बसें प्रदेश में आती है। केंद्र सरकार ने नीति बनाई है कि एक बार 3 लाख रुपए जमा करवाओ और फिर बसें कहीं भी ले जाओ, लेकिन हिमाचल सरकार ने इन बसों पर विशेष पथ कर लगाया है।
टोल बैरियर पर फास्टैग से विभाग पकड़ रहा टैक्स चोरी
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग टोल प्लाजा पर लगे ई डिटेक्शन सिस्टम से फास्टैग के माध्यम से भी वाहनों द्वारा की जा रही नियमों की अवेहलना और टैक्स की चोरी पकड़ रहा है। फास्टैग का पूरा रिकार्ड विभाग के पास पहुंच रहा है और वाहन की रजिस्ट्रेशन हुई है या नहीं। टैक्स, पॉलियूशन, पासिंग की पूरी जानकारी विभाग ले रहा है, जिससे नियमों की अवेहलना और टैक्स चोरी करने वालों पर नजर रखी जा रही है। वहीं, विभाग इन वाहनों के ऑनलाइन चालान भी कर रहा है।
