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रिकांगपिओ। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सोमवार को जनजातीय जिला किन्नौर के क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ के सम्मेलन कक्ष में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की।

उपायुक्त ने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर की 73 ग्राम पंचायतों में से 31 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है तथा शेष 42 पंचायतों को वर्ष 2026 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जमीनी स्तर पर निरंतरता के साथ कार्य किया जा रहा है ताकि जिला को टीबी मुक्त किया जा सके।

डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर टीबी की रोकथाम के लिए लैब टैस्ट की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। आशा कार्यकताओं द्वारा क्षय रोग के लक्षणों एवं इसके उपचार का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को जागरूक कर क्षय रोग पर अंकुश लगाया जा सके। 

उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा क्षय रोग से ग्रसित लोगों को निःशुल्क दवाईयां उपलब्ध करवाई जाती हैं और क्षय रोग का पूर्ण उपचार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग को मानसिक कलंक की तरह न देखें तथा क्षय रोग से ग्रसित लोगों को अलग नहीं समझें। क्षय रोग सामान्य बीमारी की तरह होता है जिसके उपचार उपरान्त व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत करता है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुधीर शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया और उपस्थित पंचायत जन-प्रतिनिधियों से सीधे संवाद के माध्यम से चर्चा स्थापित की। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया ताकि जिला किन्नौर को वर्ष 2026 तक टीबी मुक्त किया जा सके। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी तथा बताया कि क्षय रोग से ग्रसित लोगों को पोषण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है जिसके तहत पौष्टिक आहार घटक प्रवासी मजदूरों एवं नेपाली मूल के संवेदनशील वर्ग को लाभान्वित कर रही है।

इस अवसर पर उपायुक्त ने उत्कृष्ट कार्य करने के लिए स्वास्थ्य एवं पंचायत जन-प्रतिनिधियों को सम्मानित किया तथा डॉ. सूर्या बोरस को क्षय रोग के संदर्भ में कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।  

उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने इसके उपरान्त राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की बैठक ली तथा स्वस्थ बच्चा-स्वस्थ समाज के महत्व पर प्रकाश डाला। 

उपायुक्त ने स्कूली छात्र-छात्राओं की सम्पूर्ण स्वास्थ्य जांच तथा आधुनिक युग में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के निदान पर बल दिया ताकि निर्धन एवं उपेक्षित वर्गों के बच्चों को लाभ मिल सके और उनका सम्पूर्ण व्यक्तित्त्व विकास संभव हो सके।

जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अन्वेषा नेगी ने मुख्य अतिथि को जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्कूलों के संदर्भ में स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में जानकारी प्रदान की तथा इन गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। 

इस दौरान टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का भी आयोजन किया गया जिसमें मीडिया कर्मियों को टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए मीडिया के महत्व बारे बताया गया।

इस अवसर पर जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य डॉ. सूर्या बोरस, उपनिदेशक उच्च्तर शिक्षा कुलदीप सिंह डोगरा, उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा अरूण गौतम, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविराज नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आरसीडीएस) जय कुमार गुप्ता, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

By admin

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