बिलासपुर। बिलासपुर जिला में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने ग्राम पंचायत कसारू में किया। इस कार्यक्रम में विकास खण्ड घुमारवीं की ग्राम पंचायत कसारू सहित 6 अन्य पंचायतों, पट्टा, बाड़ी मझेडवा, पलासला, सेऊ, कोटलू ब्राह्मणा और दधोल के लोगों की समस्याएं सुनी और उनका मौके पर निवारण किया।
इस अवसर पर राजेश धर्माणी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार गांव के द्वारा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकार और आम जनमानस के बीच की दूरी को कम करना और घर-द्वार पर सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार सरकार द्वारा तक्सीम के मामलों को निपटने के लिए राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया गया। इसमें अब तक 65 हजार से अधिक इंतकाल के मामलों का निपटारा किया गया है। राज्य सरकार लंबित राजस्व मामलों को समयबद्ध निपटाने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर के चारों विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन द्वारा लगभग 3000 से अधिक राजस्व मामलों का निपटान किया गया है।
धर्माणी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार की योजना बनाई जा रही है। अगले शैक्षणिक सत्र से शिक्षा में सुधार के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। इसमें शिक्षा में सुधार करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हिंदी के साथ अंग्रेजी मीडियम में भी शिक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रही है, जहां विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के उपाय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि सुविधाओं के अभाव में कोई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न रहे इसके लिए राज्य सरकार ने डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की है, जिसके तहत उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपए तक ऋण उपलब्ध करवा रही है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि जिला बिलासपुर के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए जिला में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किरतपुर मनाली और शिमला-मटौर फोरलेन के बनने से बिलासपुर में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिला में भदरोग के समीप 39 बीघा जमीन का चयन किया गया है। इसके विकास के लिए 9 करोड रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त गेहड़वी के साथ बरसंड में 35 बीघा जमीन का चयन किया गया है।
बिलासपुर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 19 जनवरी से एडवेंचर स्पोर्ट्स उत्सव का होगा आयोजन
धर्माणी ने कहा कि बिलासपुर में जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग द्वारा बिलासपुर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ 19 जनवरी 2024 को किया जाएगा। उत्सव के माध्यम से जिला मे एयरो स्पोर्ट्स और वॉटर स्पोर्ट्स का अनुभव करने के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है ताकि जिला बिलासपुर के युवा भविष्य में कैरियर के रूप में एयरो स्पोर्ट्स और अन्य साहसिक खेलों में अपना करियर चुन सकेंगे। उन्होंने बात की इस तरह की आयोजनों का उद्देश्य मनाली की ओर जाने वाले पर्यटकों को आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि यदि 50 प्रतिशत पर्यटक भी बिलासपुर में रुकते हैं तो जिला की पर्यटन गतिविधियों को पंख लगेंगे और जिला के युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विकास कमेटी का गठन किया गया है इस कमेटी के माध्यम से जिला बिलासपुर में पर्यटन से मिलने वाली धनराशि से जिला के ही विकास कार्यों में किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान राजस्व विभाग की ओर से 75 विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए गए। इस अवसर पर सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य से संबंधित कुल 25 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका मौके पर ही निपटारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक विभाग ने 400 से अधिक रोगियों की स्वास्थ्य जांच कर दवाइयां वितरित की। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक, पुलिस अधीक्षक गोकुल चंद्रन कार्तिकेन, अतिरिक्त उपायुक्त निधि पटेल सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
