शिमला। कांग्रेस नेता व जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित ठाकुर ने कहा है कि एक ओर जहां सेब पर हर वर्ष लागत बढ़ती जा रही है, वहीं इसके विपरीत सेब के दामों में लगातार गिरावट हो रही है। उन्होंने कहा कि सेब खरीदने वाली निजी कंपनियों को नियंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तथाकथित हाई पावर कमेटी बनाई थी, जो पंगु साबित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की कमेटी मूकदर्शक बनी हुई है, जबकि निजी कंपनियां आए दिन सेब के दामों में कटौती कर रही है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सेब बहुल क्षेत्रों में और सरकारी व निजी क्षेत्र के सीए स्टोर को स्थापित करने के साथ-साथ नियंत्रित भी करें। उन्होंने कहा कि सरकार बागवानों को छोटे सीए स्टोर लगाने के लिए प्रोत्साहित करें। रोहित ठाकुर ने कहा कि यदि एपीड़ा के माध्यम से सीए स्टोर का निर्माण होने दिया होता तो आज बागवान सेब के दाम कम होने व बाज़ार के सुधरने तक सेब अपने घर द्वार पर ही भंडारण कर सकते थे। उन्होंने कहा कि आए दिन सोशल मीडिया में देखने को मिल रहा है कि कुछ बागवान सेब की पेटी में अतिरिक्त ट्रे भर कर गलत ट्रेंड शुरू कर रहे हैं। इस तरह की पेटी भरने से बिचौलियों को तो फ़ायदा हो रहा है, जबकि आम बागवानों के साथ-साथ सेब उद्योग को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि मार्केटिंग बोर्ड को इसे रोकने के लिए प्रभावी क़दम उठाने चाहिए।
रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में कृषि व बागवानी क्षेत्र में लगातार लागत मूल्य बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर बागवानी पर लागत मूल्य को कम करने व सेब का विपणन स्टैंडर्ड कार्टन के साथ क्रेटों में करने के लिए बागवानों से विचार-विमर्श कर लागू करने की पहल की जाएगी। ठाकुर ने कहा कि सेब बहुलीय इलाक़ों में सरकारी व निजी क्षेत्र के और सीए स्टोर स्थापित किए जाएंगे तथा सेब ख़रीदने वाली निजी कम्पनियों को नियंत्रित किया जाएगा।
