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रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने लोगों का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधरोपण के लिए आगे आएं, ताकि जिले को हरा-भरा कर पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित बनाया जा सके। वे आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृखंला में किन्नौर जिला के निचार उपमण्डल के तराण्डा में वन विभाग द्वारा आयोजित वन-महोत्सव के दौरान बोल रहे थे।

नेगी ने कहा कि वातावरण को हरा-भरा रखना हमारा दायित्व बनता है; क्योंकि वन ही जीवन है। इसांन को यदि इस धरती पर जीवित रहना है तो उसे सांस लेने की जरुरत है जिसके लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है और ऑक्सीजन पेड़ों से है, जिसके लिए इनका संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से रहना, खाना, पीना, सोना जरुरी है वैसे ही सांस लेना भी अति आवश्यक है। सांस लेने का एकमात्र जरिया वृक्ष है। यदि वृक्ष नहीं होगें तो हम ताजा सांस नहीं ले सकते‌। हमें जरूरी तत्वों की प्राप्ति नहीं होगी। इसलिए हमें पौधरोपण अधिक से अधिक करने की आवश्यकता है, ताकि पर्यावरण संरक्षित रह सके और हम स्वच्छ व सुंदर वातावरण में अपना जीवन यापन कर सकें।
सूरत नेगी ने इस अवसर पर ग्रामवासियों, स्कूली बच्चों व अन्य से आग्रह किया कि पेड़ लगाने के साथ-साथ इन पौधों की देख-रेख करना भी हमारा नैतिक कर्तव्य बनता है, क्योंकि अक्सर यह देखा गया है कि लोग पौधरोपण तो कर देते हैं, पर उनकी देख-रेख न होने के कारण पौधे सूख जाते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि पौधे लगाने के साथ-साथ हम उनकी देख-रेख करना भी सुनिश्चित बनाएं ।
नेगी ने कहा कि किन्नौर वन मण्डल के तहत गत साढ़े चार वर्षों के दौरान 560 हैक्टेयर भूमि पर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत पौध रोपण किया गया जबकि वर्ष 2021-22 के लिए 367 हैक्टेयर भूमि पर 4 लाख 10 हजार 500 प्रकार के विभिन्न पौधे रोपित करने के लिए 7 करोड़ 7 लाख 8 हजार 700 रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गत साढ़े चार वर्षों में स्टेट कैम्पा योजना के तहत विभिन्न विकासात्मक कार्य हेतु 30 करोड़ 64 लाख रुपये की राशि व्यय की गई।
सूरत नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2021-22 में किन्नौर वनमण्डल के अंतर्गत विभिन्न विकासात्मक कार्य भवन, पुलों, रास्तों के निर्माण के लिए 23 करोड़ 89 लाख 3 हजार रुपये की राशि व्यय की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की आवश्यकता के मद्ेदनजर गत साढ़े चार वर्षों में टी.डी. नियम 2013 के तहत 1198 आवेदकों को टी.डी. प्रदान की गई।
सूरत नेगी ने कहा कि नई मंजिलें नई राहें योजना के तहत चाका कंडा, शाकनी तथा चिलगोजा ईको पार्क कल्पा, देवदार ईको पार्क सांगला व अल्पाईन ईको पार्क पूह का निर्माण किया गया जो पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों के लिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणा स्त्रोत है।
इस अवसर पर ग्रामवासियों, विभिन्न स्कूली बच्चों व अन्य द्वारा देवदार सहित विभिन्न किस्मों के 200 पेड़ों का पौधरोपण किया गया।
वन महोत्सव में जिला परिषद अध्यक्ष निहाल चारस, भाजपा जिला अध्यक्ष निहाल चारस, निचार उपमण्डल के भाजपा अध्यक्ष संजय वनमण्डलाधिकारी रजनोल्ड राॅयस्टन, पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधियों सहित विभिन्न स्कूली बच्चे, ग्रामवासी व अन्य उपस्थित थे।

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