शिमला। हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ कुलदीप सिंह तंवर के नेतृत्व में कसुम्पटी क्षेत्र की 4 पंचायतों के प्रतिनिधिमण्डल पानी की समस्या को लेकर जल शक्ति विभाग की मुख्य अभियंता ई. अंजू शर्मा से मिले।
इनमें नालदेहरा पंचायत में जल स्त्रोंतों से निजी होटलों को पानी बेचने का मामला सामने आया है, जिससे लोगों को पीने के पानी की किल्लत हो रही है। डॉ तंवर ने बताया कि यह बहुत दुःख का विषय है कि विभाग के स्तर पर “हिमाचल प्रदेश भूमिगत जल अधिनियम-2005” के बारे में ठोस एवं पुख्ता जानकारी नहीं है, कि इसे किस प्रकार से क्रियान्वित किया जाना है? साथ ही सरकार के स्तर पर पर्यटन की दृष्टि से शिमला के आसपास बड़े होटल व रिजॉर्ट्स तो खोल दिये, लेकिन इनके लिए पानी की ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण पंचायतों से होटल मालिक NOC का तो प्रबंधन कर लेते हैं, परंतु पानी स्थानीय लोगों के स्रोतों से ही ले जाते हैं। जिस कारण ग्रामीणों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है।
डॉ. तंवर ने कहा कि बलोग पंचायत में सिंचाई की स्कीम के 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री पेम कुमार धूमल द्वारा घोषणा करने के बावजूद आज तक अधर में लटकी हुई है। जबकि बलोग पंचायत के आज पूरे क्षेत्र में सब्जियों के उत्पादन में अग्रणी स्थान पर हैं, लेकिन सिंचाई के पानी की भारी कमी होने से यहाँ के किसानों एवं युवाओं में निराशावादी रुझान पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सतलाई तथा दरभोग पंचायतों में जल भण्डारण टैंक के निर्माण तथा चारों ओर से फेंसिंग न करने बारे विभिन्न पहलुओं से विभाग को अवगत कराया गया।
डॉ. तंवर ने कहा कि विभाग द्वारा सम्बंधित अधिकारियों के साथ किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तार से तथा ठोस रूप से बैठक की तथा अधिकांश मुद्दों पर 15 दिनों के अंदर समाधान का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमण्डल में किसान सभा क्षेत्रीय कमेटी के उपाध्यक्ष मदन भारद्वाज, कोषाध्यक्ष सुरेश पुण्डीर, कार्यकारिणी सदस्य नवीन शर्मा के साथ प्रधान सुषमा, बीडीसी सदस्य, उपप्रधान विकास शर्मा, पूर्व प्रधान ज्ञान कश्यप, वार्ड सदस्य देवेंद्र, देवी सिंह ठाकुर, रमेश ठाकुर आदि सदस्य शामिल हुए।
