शिमला। निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का आध्यात्मिक कल्याण यात्राओं के मध्य शिमला शहर में प्रथम बार आगमन होने जा रहा है। उनके पावन सानिध्य में 21 मई शनिवार को प्रातः 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक पीटरहॉफ शिमला में एक विशाल निरंकारी संत समागम का आयोजन किया जाएगा। सभी श्रद्धालु अपने दिव्य सतगुरु के पावन दर्शनों के लिए उत्साहित हैं। सभी भक्त इस पावन बेला की तैयारियों में पूरी तल्लीनता से लगे हुए हैं।
शिमला जोन की जोनल इंचार्ज राजवंत कौर ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं द्वारा समागम स्थल एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों की सफाई की जा रही है। साथ ही शिमला प्रशासन के साथ मिलकर समागम की प्रबंध व्यवस्था को सूचारू रूप दिया जा रहा है, जिससे की आने वाले सभी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो।
संत निरंकारी मिशन एक आध्यात्मिक विचारधारा है जो ब्रह्मज्ञान द्वारा मानव को मानव से जोड़ने का कार्य करता है। ज्ञान के उजाले से मानव मन में व्याप्त समस्त भ्रम-भ्रांतियां समाप्त हो जाती हैं और मानव को मानव प्यारा लगने लगता है। वर्तमान समय में जहां हर तरफ बैर, निंदा, ईर्ष्या का भाव है, ऐसे समय में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज अपनी कल्याण यात्राओं के माध्यम से संसार में प्रेम एवं सौहार्द प्रदान कर रहे हैं, जिससे की वसुधैव कुटुंबकम् की परिकल्पना को साकार रूप प्रदान किया जा सके।
शिमला शहर में आयोजित होने जा रहे इस विशाल संत समागम में एक ओर जहां श्रद्धालुओं को सतगुरु माता जी के पावन दर्शन एवं प्रवचनों का लाभ प्राप्त होगा, वहीं दूसरी ओर मिशन के वक्तागण व्याख्यान, गीत, भजन एवं कविताओं के माध्यम से अपने शुभ भावों को व्यक्त करेंगे। इस संत समागम में हजारों की संख्या में भक्त उपस्थित होकर सतगुरू के आशीष वचनों से लाभान्वित होंगे।
