शिमला। हिमाचल प्रदेश के सबसे पुराने नगर निगमों में से एक नगर निगम शिमला का वर्ष 2022-23 का बजट 224.14 करोड़ रुपए का होगा। नगर निगम महापौर सत्या कौंडल ने शुक्रवार को नगर निगम सदन में अगले वित्त वर्ष का बजट पेश किया। बजट प्रस्तुत करते हुए महापौर ने कहा कि बजट में शिमला शहर में विभिन्न विकास कार्यों और शहरवासियों की सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए उपयुक्त प्रावधान किया गया है। बजट में बाहरी राज्यों से शिमला आने वाले वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूलने का निर्णय लिया गया है। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए बिजली की तारों को भूमिगत करने और शहरभर में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की घोषणा की गई है। महापौर ने कहा कि बजट में शहरवासियों और विभिन्न वर्गों की मांगों को पूरा करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी जैसी केंद्रीय योजनाओं से शिमला शहर के लिए बजट को मजबूती मिली है। बजट में किसी नई योजना की घोषणा नहीं की गई है, हालांकि शहरवासियों के लिए राहत की बात यह है कि निगम के शीघ्र होने जा रहे चुनाव के मद्देनजर बजट में किसी भी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया गया है। बजट में नगर निगम के कार्यों को आनलाइन करने पर जोर दिया गया है। इसके लिए लोगों को ऐप के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी। बजट में शहर में डिजीटल लाइब्रेरी बनाने, निगम कर्मचारियों की सर्विस बुक को आनलाइन करने, निगम में खाली पद भरने, स्लाटर हाउस का आधुनिकीकरण करने और रानी झांसी पार्क में प्रयोगशाला स्थापित करने की घोषणा की गई है, जहां शहरवासी स्वास्थ्य संबंधित सभी टेस्ट करवा सकेंगे। बजट में निगम की आय बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहित करने और पार्किंग स्थलों की खुली नीलामी करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान विपक्षी दल कांग्रेस के पार्षद बजट से नाखुश नजर आए। उनका कहना था कि बजट में कुछ भी नया नहीं है और यह बजट पिछले वर्ष के बजट की ही फोटोकापी है। उन्होंने यह भी कहा कि बजट में कोई नहीं घोषणा नहीं की गई है और शहरवासियों के पैसे का दुरूपयोग किया गया है।
