शिमला। माकपा नेता डॉ. ओंकार शाद फिर से पार्टी के प्रदेश सचिव चुने गए हैं। कुल्लू में हुए सीपीआई (एम) के सम्मेलन में उन्हें फिर से राज्य सचिव चुना गया। इसके साथ ही 7 सदस्यीय राज्य सचिवमंडल का भी गठन किया गया, जिसमें डॉ. ओंकार शाद के अलावा राकेश सिंघा, डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, प्रेम गौतम, कुशाल भारद्वाज और संजय चौहान शामिल हैं।
वहीं, राज्य सम्मेलन में 30 सदस्यीय राज्य कमेटी का गठन भी किया गया, जिसमें डॉ. ओंकार शाद सचिव, राकेश सिंघा, डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, प्रेम गौतम, कुशाल भारद्वाज, संजय चौहान, विजेंद्र मेहरा, भूपेन्द्र सिंह, सत्यवान पुण्डीर, देवक़ीनन्द, जगत राम, रविन्द्र, नारायण सिंह, राजेन्द्र चौहान, विश्वनाथ शर्मा, जयवंती, संतोष कपूर, होत्तम सोंखला, अशोक कटोच, राजेन्द्र ठाकुर, मोहित वर्मा, जोगिंदर सिंह, मोहिंद्र राणा, विजय शर्मा, के.के. राणा, सुदेश कुमारी, फालमा चौहान, नरेन्द्र और सतपाल शामिल हैं। कमेटी में स्थाई आमंत्रित सदस्य के तौर पर राम सिंह को शामिल किया गया। इसके अलावा कंट्रोल कमीशन में जगमोहन ठाकुर को अध्यक्ष और डॉ. रीना सिंह व प्रताप राणा को सदस्य बनाया गया। सम्मेलन में पार्टी के 23वें महासम्मेलन के लिए 4 सदस्यों का चयन किया, जिनमें राकेश सिंघा, डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, प्रेम गौतम शामिल हैं। ये इस महासम्मेलन में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। किसी सदस्य के न जाने पर उनके स्थान पर फालमा चौहान को भेजा जाएगा।
इस सम्मेलन में प्रदेश की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर चर्चा की गई। संगठन को मज़बूत बनाने के लिए प्रदेश भर से शामिल हुए 195 पार्टी सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव रखे। सम्मेलन में 8 प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध, नई शिक्षा नीति के विरोध, बेरोज़गारी के खिलाफ, निजीकरण और मौद्रिकरण के विरोध में प्रस्ताव पारित करने के साथ-साथ महिलाओं के मुद्दों, दलितों की समस्याओं और मांगों, कृषि, बागवानी, एवं पशुपालन के मुद्दों, भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 (पुनर्स्थापना, पुनर्वास व 4 गुणा मुआवज़ा) को प्रदेश में लागू करवाने पर भी प्रस्ताव पारित किए गए।
देश में किसान-मज़दूर एकता की संभावनाएं बन रही, देश में राजनैतिक संतुलन और समीकरण बदलने की संभावनाएं – तपन सेन
सीपीआई (एम) पॉलिट ब्यूरो सदस्य तपन सेन ने सम्मेलन में कहा कि देश में किसान-मज़दूर एकता की संभावनाएं बन रही है, जिससे देश में राजनैतिक संतुलन और समीकरण बदलने की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस तरीके से देश को निजी हाथों में बेचने का काम शुरू किया है, यह सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं है। इस सूची में अभी और सरकारी संपत्तियां आएंगी। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों में बदलाव से मज़दूरों के अधिकारों पर हमला किया गया है और किसानों की ज़मीन हथियाने के लिए कृषि कानून लाए गए हैं। आम जनता महंगाई और बेरोज़गारी से त्रस्त है। इस समय पार्टी को मज़बूती के साथ जनता के साथ और जनता के पक्ष में खड़ा होने की ज़रूरत है। उन्होंने प्रदेश पार्टी से आह्वान किया कि वह जनता के बीच जाए और जनता को लामबंद करे। प्रदेश सचिव ओंकार शाद ने नई कमेटी को ओर से सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
