शिमला। माकपा की कसुंपटी इकाई का सम्मेलन किसान मजदूर भवन शिमला में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में पिछले तीन वर्षों के कार्यों की समीक्षा की गई तथा आगामी तीन वर्षों के लिए विभिन्न मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए। सम्मेलन में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। सम्मेलन में सत्यवान पुण्डीर को कसुंपटी कमेटी का नया सचिव चुना गया। वहीं, डॉ. रीना तंवर, कपिल शर्मा, जियानंद शर्मा, अशोक ठाकुर, जयशिव ठाकुर, गोविन्द चतरांटा, सुरेश पुंडीर, सीमा चौहान, नवीन शर्मा, जोगेन्दर शर्मा, कृष्णानद शर्मा, तेजराम को कमेटी सदस्य चुना गया। पार्टी राज्य सचिव मंडल सदस्य डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने झंडा फहरा कर सम्मेलन का उद्घाटन किया, जबकि प्रभारी विजेंद्र मेहरा ने सम्मेलन का समापन किया। सम्मेलन में रामपुर में 4-5 सितंबर को होने वाले जिला सम्मेलन के लिए नवनिर्वाचित कमेटी को डेलीगेट चुना गया।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए डॉ. तंवर ने कहा कि किसान विरोधी तीन कृषि कानूनों, मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों, बिजली विधेयक 2020, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ, शहर में कूड़े, पानी, पार्किंग सुविधा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने हर व्यक्ति को कोरोना काल में दस किलो राशन, प्रति व्यक्ति 7500 रुपए की आर्थिक सहायता, ओल्ड पेंशन स्कीम, आउटसोर्स के लिए नीति बनाने, आंगनबाड़ी, मिड डे मील व आशा कर्मियों की मांगों पर पार्टी कार्यकर्ताओं से आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया।
पार्टी के प्रभारी विजेंद्र मेहरा ने प्रतिनिधियों से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने शिमला शहर के इर्द-गिर्द निर्माण मजदूरों, होटल मजदूरों, स्कीम वर्करों आदि को संगठित करने की अपील की। सम्मेलन में किसानों, युवाओं, दलितों, महिलाओं के मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए।
कसुंपटी में किया जाएगा पार्टी का विस्तार – पुंडीर
पुनः निर्वाचित सचिव सत्यवान पुण्डीर ने कहा कि आगामी तीन वर्षों मे कुसम्पटी क्षेत्र में पार्टी का विस्तार किया जाएगा। जनता को संगठित करके जन मुद्दों पर आंदोलन एवं संघर्ष विकसित कि जाएगा। भविष्य में जनता, मजदूर वर्ग, कर्मचारियों, महिलाओं, छात्रों व युवाओं के मुद्दों पर उन्हें लामबंद किया जाएगा। उन्होंने पार्टी प्रतिनिधियों से केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की जयराम सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता को लामबंद करने का आह्वान किया।
