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शिमला। मातृवन्दना संस्थान ने रविवार को शिमला के लालपानी में वन महोत्सव मनाया। संस्था के सदस्यों ने यहां देवदार समेत स्थानीय प्रजातियों के 100 से अधिक पौधे रोपे। इस अवसर पर प्रदेश संयुक्त सचिव वन सतपाल धीमान मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर वर्ष 14 हजार हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण का लक्ष्य रहता है। जहां पर भी आप रहते हैं वहीं की वन प्रजातियों के पौधे रोपने चाहिए। जुलाई व अगस्त माह वन महोत्सव का रहता है। प्रदेश में 26 प्रतिशत भाग पर पेड़-पौधे हैं और 20 प्रतिशत भाग ऐसा है, जिसमें पौधारोपण नहीं किया जा सकता है, जिसमे मुख्य रूप से लाहौल के क्षेत्र हैं। उन्होंने लोगों से अपने घरों के पास प्रतिवर्ष तीन से चार पौधे लगाने और वर्षभर उनकी सुरक्षा करने की अपील की। उन्होंने मातृवन्दना संस्थान के कार्यों की भी सराहना की।
इस अवसर पर बतौर विशिष्ठ अतिथि कौशल विकास निगम की जीएम नीरज चांदला ने ‘पेड़ को मानो धारा का गहना, स्वच्छ रहेगा पर्यावरण अपना’ के उद्देश्य से आयोजित इस पौधारोपण कार्यक्रम की प्रशंसा की। उन्होंने संस्था के सदस्यों से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रेरित करने का भी आह्वान किया।
मातृ वन्दना के अध्यक्ष अजय सूद ने कहा कि मातृ वंदना संस्थान पिछले 29 वर्षों से मातृ वंदना पत्रिका का प्रकाशन करता आ रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विचार हर घर पहुंचाने के लिए देशभर में जागरण पत्रिकाएं प्रकाशित की जाती हैं। हिमाचल प्रदेश में 30 हजार मातृ वन्दना पत्रिकाओं का प्रकाशन किया जाता है जो प्रदेश के लगभग सभी गांवों तक पहुंच रही है। इस अवसर पर मातृ वन्दना के सचिव जय सिंह ठाकुर ने पौधारोपण कार्यक्रम में उपस्थिति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक संजय सिंह, प्रांत सह कार्यवाह चंद्र प्रकाश, प्रांत प्रचार प्रमुख महीधर प्रसाद, प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख प्रमुख डा. सेवक राम, प्रांत सह प्रचार प्रमुख मोती लाल सहित उपस्थित अतिथियों और संस्थान के सदस्यों का पौधारोपण में भाग लेने पर आभार व्यक्त किया। 

By admin

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