शिमला। शहरी विकास व आवास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि सेब सीजन के दौरान सेब बाहुल्य क्षेत्रों की आर्थिकी की सुरक्षा के लिए हिम सेब प्रणाली अत्यंत कारगर साबित होगी। वे वीरवार को शिमला जिले के ठियोग उपमंडल के तहत फागु नियंत्रण कक्ष में सूचना प्रौद्योगिकी तकनीक उपयोग कर निगरानी व नियंत्रण प्रणाली का शुभारंभ करने के उपरांत बोल रहे थे।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सेब सीजन के दौरान सेबों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए फागु नियंत्रण कक्ष के तहत तकनीक का उपयोग कर निगरानी को सुदृढ़ता प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन की पहल अत्यंत प्रभावोत्पादक है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से सेब की पेटियों की वास्तविक रूप से निगरानी करने में सुगमता मिलेगी, वहीं पैनी सतर्कता के साथ गाड़ियों का हिसाब-किताब रखना भी संभव होगा। उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष पर विभिन्न आंकड़ों के संग्रह के लिए भी अत्यंत आसानी होगी।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से जहां गाड़ियों का जाम लगने से निजात मिलेगी, वहीं बागवानों के समय की बचत भी होगी। इस तकनीक के माध्यम से जहां कार्यों में पारदर्शिता आएगी वहीं ऑनलाइन प्रणाली के कारण आंकड़े, निगरानी व जांच के लिए हर समय उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित करने से जहां पेपर रहित प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा, वहीं पर्यावरण सुरक्षा को भी दृढता मिलेगी बनेगा।
भारद्वाज ने जिला प्रशासन तथा उपमंडलाधिकारी ठियोग की इस कार्य को जल्द क्रियान्वित करने के लिए सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही इस प्रणाली के लाभ को देखते हुए प्रदेश के अन्य सेब बाहुल्य क्षेत्रों में भी स्थापित नियंत्रण कक्षों में इसे लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे काम में तत्परता आएगी। उन्होंने कहा कि एपीएमसी भी ऐसी प्रणालियों को अपने यहां की मंडियों में अपनाएं, ताकि किसानों बागवानों को उसका भरपूर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सेब सीजन के दौरान सड़कों के किनारे बैठने वाले आड़तियों से लगने वाले जाम के प्रति प्रशासन सख्ती से निपटें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एपीएमसी भी कठोर रवैया अपनाएं, ताकि बागवानों और स्थानीय लोगों को यातायात अवरुद्ध होने की समस्या सामना ना करना पड़े।
एसडीएम ठियोग सौरभ जस्सल ने बताया कि शहरी विकास मंत्री के आदेशानुरुप युद्धस्तर पर कार्य करते हुए इस तकनीक को विकसित कर नियंत्रण कक्षों की कार्य प्रणाली को ऑनलाइन सुचारु बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि फागु और शोघी नियंत्रण कक्ष को इस प्रणाली से विकसित किया गया है और जल्द ही आगामी कुछ दिनों में जिला के अन्य नियंत्रण कक्षों को भी इस प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
इस अवसर पर गुड़िया सक्षम बोर्ड की उपाध्यक्ष रुपा शर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष नरेश शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर बागवानी डा. डीआर शर्मा, संयुक्त निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी अनिल सैम्वाल, भाजपा मण्डलाध्यक्ष जितेन्द्र भोटका, बीडीसी अध्यक्षा यशोदा, बीडीसी उपाध्यक्ष योगेश शर्मा, आईएएस प्राॅबेशनरी अभिषेक कुमार गर्ग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील शर्मा भी उपस्थित थे।
