शिमला। कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह कोरोना कर्फ्यू के बीच बेरोजगारों, छोटे-छोटे कारोबारियों, होटल व्यवसाइयों, टैक्सी ऑपरेटरों के हित में कोई भी निर्णय नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार अपने मंत्रिमंडल की बैठक में इन वर्गों के हित में कोई निर्णय लेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आबकारी नीति से सरकार अपना खजाना तो भर रही है, लेकिन आम लोगों को कोई राहत मिले, उस बारे कुछ नहीं कर रही है। प्रदेश में कोरोना कर्फ़्यू के चलते उन छोटे कारोबारियों के जीवन पर व्यापक असर पड़ा है, जिनकी आय व रोजी रोटी का यही एकमात्र साधन है।
विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों पर गम्भीर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि सरकार इस चुनौती से निपटने में बुरी तरह असफल साबित हुई है। कभी हां तो कभी ना के बीच समय रहते सरकार कोई स्पष्ट निर्णय नहीं ले पाई। आज प्रदेश में कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों व मृत्यों का आंकड़ा दिन प्रति दिन बढ़ने से प्रदेश की चिंता बढ़ती ही जा रही है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की भारी कमी, अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी ने इस चिंता को ओर भी बढ़ा दिया है।
विक्रमादित्य सिंह ने कोरोना संक्रमण गांव की तरफ बढ़ने पर भी अपनी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में वेक्सिनेशन का कार्य तेज किया जाना चाहिए। उन्होंने 18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों को जल्द टीकाकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सरकार को प्रदेश में वैक्सीन का पर्याप्त भंडार सुरक्षित करना चाहिए। इससे प्रदेश के बर्फबारी वाले दूरदराज के क्षेत्रों में सभी लोगों का वेक्सिनेशन कार्य पूरा हो सकेगा।
विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री से अनावश्यक सरकारी खर्चों पर तुरंत रोक लगाने की मांग करते हुए प्रदेश में बढ़ती महंगाई और आम लोगों को राहत देने का आग्रह किया है। उन्होंने सरकार से इस समय अपने सभी टेक्स वसूली को स्थागित करने की मांग भी की है।
