हिमाचल में 91.9 फीसदी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं (एचसीडब्ल्यू) को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दी, जबकि राष्ट्रीय औसत 88.7 फीसदी
राज्य में 45 वर्ष से अधिक जनसंख्या वर्ग में वैक्सीन की पहली खुराक 78 फीसदी लोगों को दी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 30 फीसदी
शिमला। कोरोना महामारी के व्यापक प्रसार को रोकने के लिए टीकाकरण ही एक प्रभावी रणनीति है। स्वास्थ्य विभाग के विश्लेषण के अनुसार राज्य में 14 अप्रैल, 2021 से 30 अप्रैल, 2021 तक कोविड महामारी से 362 लोगों की मृत्यु हुई है। इनमें से 67 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ली थी और केवल मात्र 2 ऐसे लोग हैं, जिनकी मृत्यु वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद हुई है।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि मौत के इन दोनों मामलों में एक व्यक्ति की मृत्यु वैक्सीन लगवाने के 4 दिन बाद, जबकि दूसरे व्यक्ति की मृत्यु वैक्सीन लेने के 16 दिन बाद हुई है। इससे पता चलता है कि दोनों व्यक्ति टीकाकरण के बाद प्रभावी इम्यूनिटी विकसित होने से पहले ही कोरोना महामारी से संक्रमित हो गए थे। इससे यह भी पता चलता है कि टीकाकरण सीधे तौर पर कोविड से होने वाली मृत्यु दर को कम करने में मदद करता है।
प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में 91.9 फीसदी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं (एचसीडब्ल्यू) को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 88.7 फीसदी है। प्रदेश में वैक्सीन की दूसरी खुराक 90.3 फीसदी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओ को दी है, जिसका राष्ट्रीय औसत 79.1 फीसदी है। उन्होंने कहा कि राज्य में 45 वर्ष से अधिक जनसंख्या वर्ग में वैक्सीन की पहली खुराक 78 फीसदी लोगों को दी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 30 फीसदी है।
प्रवक्ता ने कहा कि पात्र लोगों का टीकाकरण की कवरेज को बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को 4 से 6 सप्ताह पहले वेक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है उन्हें वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के लिए आगे आना चाहिए, ताकि प्रभावी इम्यूनिटी विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता वाले समूहों जैसे 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोग, स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं और अग्रिम पक्ति कार्यकर्ताओं के लिए वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य को भारत सरकार के माध्यम से आज कोविशिल्ड वैक्सीन की 50 हजार वैक्सीन और प्राप्त हो गई है।
प्रवक्ता ने कहा कि 18-45 वर्ष के आयु वर्ग के टीकाकरण को शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने भारत सरकार के सिरम संस्थान को कोविशिल्ड वैक्सीन की 107620 खुराकों की आपूर्ति के लिए 3.39 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है, जिसकी आपूर्ति शीघ्र आपेक्षित है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन प्राप्त होते ही 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग में टीकाकरण करवाने की उत्सुकता और भीड़भाड़ की संभावना को मध्यनजर रखते हुए सभी जिलों आम जनता की सुविधा के लिए शहरी कलस्टर में अधिक कोविड टीकाकरण केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग शिमला, मंडी और धर्मशाला शहरों में प्राथमिकता वाले समूहों (यानी 45 वर्ष से अधिक आयु, एचसीडब्ल्यू और एफएलडब्ल्यू) के लिए टीकाकरण स्थलों की सूची प्रकाशित करेगा। यह सूची वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है।
प्रवक्ता ने कहा कि 18-45 वर्ष के आयु वर्ग के टीकाकरण को शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने भारत सरकार के सिरम संस्थान को कोविशिल्ड वैक्सीन की 107620 खुराकों की आपूर्ति के लिए 3.39 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है, जिसकी आपूर्ति शीघ्र आपेक्षित है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन प्राप्त होते ही 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग में टीकाकरण करवाने की उत्सुकता और भीड़भाड़ की संभावना को मध्यनजर रखते हुए सभी जिलों आम जनता की सुविधा के लिए शहरी कलस्टर में अधिक कोविड टीकाकरण केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग शिमला, मंडी और धर्मशाला शहरों में प्राथमिकता वाले समूहों (यानी 45 वर्ष से अधिक आयु, एचसीडब्ल्यू और एफएलडब्ल्यू) के लिए टीकाकरण स्थलों की सूची प्रकाशित करेगा। यह सूची वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है।
