शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने राज्य की भाजपा सरकार द्वारा कर्ज की सीमा बढ़ाने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रदेश और अधिक कर्ज के बोझ तले डूबता जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश पहले से ही कर्ज के बोझ तले डूबा है, जिसकी देनदारियों व ब्याज की अदायगी को प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ रहा है। अब कर्ज की सीमा बढ़ने से प्रदेश के वित्तीय साधनों पर भी और अधिक बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर प्रदेश के विकास कार्यों व प्रदेश की जनता पर पड़ेगा।
राठौर ने शुक्रवार को कहा कि सरकार अपने खर्चों में एक ओर जहां कटौती नहीं कर रही, वहीं उसका अपने बढ़ते खर्चों में कोई अंकुश भी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का गैर योजना व्यय बढ़ना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास योजनाओं के नाम पर कर्ज ले रही भाजपा सरकार इस पैसे का दुरुपयोग कर अपने ऐशो आराम पर खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि आज पूर्व सरकार द्वारा शुरू किए गए सभी कार्य अधर में लटके हैं। सरकार कर्ज में लिये गए पैसे को कहां खर्च कर रही है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
कुलदीप राठौर ने कहा कि सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश के लोगों पर टैक्स की अतिरिक्त मार पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश पर 60 हजार करोड़ से ऊपर कर्ज हो चुका है, जबकि अगले साल के अंत तक यह कर्ज 85 हजार करोड़ तक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को अपने संसाधन जुटाने के प्रयास करते हुए अपनी किसी भी फिजूलखर्ची पर पूर्ण अंकुश लगाना चाहिए। राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री को कर्ज बढ़ाने की सीमा की जगह केंद्र से कोई विशेष आर्थिक पैकेज की मांग करनी चाहिए थी, जिससे प्रदेश की बढ़ते कर्ज की देनदारियों में कोई कमी होती।
