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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में हुए घटनाक्रम को लेकर एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस के अग्रणी संगठन मुखर हो गए है। विधानसभा के बजट सत्र की शेष अवधि के लिए नेता प्रतिपक्ष समेत पांच सदस्यों के को निलंबित करने के विरोध में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रदर्शन कर इस मामले पर रोष जताया।

प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी व एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन से जिलाधीश कार्यालय तक रैली निकाली और डीसी कार्यालय के बाहर मुंह व बाजू में काली पट्टी बांधकर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदेश युवा कांग्रेस व एनएसयूआई ने पिछले दिनों विधानसभा सत्र की शुरूआत में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों द्वारा अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए विरोध प्रदर्शन और आप से मिल कर अपनी बात रखने के दौरान हुए घटनाक्रम पर हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस आपके समक्ष इस ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात रखना चाहती है।

महामहिम, ये पूरा घटनाक्रम मीड़िया के सामने आपकी मौजूदगी में विधानसभा परिसर में हुआ, जिसमें कांग्रेस के विधायकों ने जब अपनी बात आपसे मिलकर रखना चाही तो बड़ी चालाकी से सरकार ने उसे एक धक्का मुक्की के माहौल में तबदील कर दिया और संवैधानिक पद पर आसीन विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री हंस राज ने अपने पद के उतरदायित्व और गरिमा को नजर अंदाज करते हुए एक बाहुबलि की तरह व्यवहार किया और विपक्षी विधायकों के साथ धक्का मुक्की की जो कि सबूत के तौर पर हिमाचल के सभी बडे मीड़िया हाऊस के कैमरों में कैद है। हद तो तब हो गई जब विधानसभा अध्यक्ष ने भी अपने संवैधानिक पद का गलत इस्तेमाल कर कांग्रेस के पांच विधायकों को एक तरफा कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया और इस पूरे मामले में संलिप्त रहे विधानसभा के उपाध्यक्ष और भाजपा के अन्य विधायकों पर कोई कार्यवाही अमल में नही लाई गई। साथ ही सरकार के इशारे पर कांग्रेस के विधायकों पर एफआईआर भी दर्ज की गई।
प्रदेश युवा कांग्रेस ने इस ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से आग्रह किया कि इस प्रकरण पर कड़ा संज्ञान लेते हुए इसमें शामिल विधानसभा उपाध्यक्ष तथा भाजपा विधायकों व मंत्रियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश देकर लोकतंत्र की रक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक तरफा कार्रवाई के खिलाफ उनका प्रदर्शन है और राज्यपाल से उम्मीद है कि वे इस मामले में न्याय करेंगे और घटना के लिए दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
इस अवसर पर प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव नरेन्द्र पाल बिटटू, जिला शिमला शहरी के महासचिव दलीप चौहान, महेश ठाकुर, शिमला ग्रामीण युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष धर्मेंन्द्र वर्मा, अधिवक्ता प्रशांत सेन, विनय हेटा, एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव यासिन भट्ट, मोहित व प्रकाश कनियाल, प्रदेश सचिव सोनिया भागटा व कृतिका, एनएसयूआई शिमला जिला के अध्यक्ष योगेश ठाकुर, एचपीयू परिसर के अध्यक्ष प्रवीण मन्हास व उपाध्यक्ष रजत भारद्वाज, नितिन देस्टा, चन्दन महाजन, आशिका तथा अन्य युवा कांग्रेस व एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौजूद थे।

By admin

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