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धर्मशाला। बर्ड फ्लू की आशंका के चलते कांगड़ा जिला के देहरा, ज्वाली, इंदौरा फतेहपुर में मीट, मछली तथा पोल्ट्री उत्पाद बेचने पर पूर्णतय प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही पौंग बांध के एक किलोमीटर की परिधि को अलर्ट जोन घोषित किया गया है, जबकि नौ किलोमीटर क्षेत्र को निगरानी जोन में रखा गया है। यह जानकारी उपायुक्त राकेश प्रजापति ने सोमवार को डीसी कार्यालय में वन्य प्राणी विभाग तथा पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित एक आवश्यक बैठक में दी।
डीसी ने कहा कि पौंग डैम एवं उससे सटे क्षेत्र में पशुओं को छोड़ने तथा खेतीबाड़ी इत्यादि गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने पर 50 हजार का जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने कहा कि ज्वाली, देहरा, इंदौरा, फतेहपुर उपमंडलों के निजी पोल्ट्री संचालक तथा मीट विक्रेता भी पशुओं तथा पक्षियों इत्यादि को बाहरी क्षेत्रों में भी नहीं बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि यदि पोल्ट्री फार्म में कोई भी मुर्गे इत्यादि में भी बीमारी कि किसी तरह के लक्षण पाए जाएं तो निशुल्क नंबर 1077 पर डायल करने सूचना दें।
प्रजापति ने कहा कि पौंग बांध में पक्षियों की निरंतर मौत के कारण ही क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि गत एक सप्ताह में 1700 के करीब माइग्रेटरी बर्ल्ड्स की मौत हो चुकी है तथा प्रारंभिक तौर पर पालमपुर में इन पक्षियों के सेंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिसमें फ्लू की तरह के लक्षण पाए गए हैं तथा अब सेंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट शीघ्र आएगी। उपायुक्त ने कहा कि देहरा, ज्वाली, इंदौरा, फतेहपुर में पोल्ट्री उत्पादों के सेंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। राकेश प्रजापति ने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में नहीं जाएं तथा प्रशासन के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि वन्य प्राणी विभाग को रेपिड रिसपोंस टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं इसके साथ ही वन विभाग को स्थिति की निरंतर निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।  

By admin

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