शिमला। जिला में कृषि, बागवानी, पशुपालन व अन्य संबद्ध व्यवसायों से जुड़े लोगों को वास्तविक तौर पर स्केल आफ फाइनांस की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए, ताकि ग्रामीणों को इसका अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने सोमवार को यहां इस संबंध में जिला सहकारी बैंक द्वारा आयोजित बैठक में बोल रहे थे।
डीसी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों को अधिक से अधिक रूप में मिल सके, इसके लिए संबंधित विभाग व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जन कल्याण के प्रति इन योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में ज़रूरतमंद व्यक्ति को प्राथमिकता प्रदान करते हुए इन योजनाओं का लाभ दें ताकि उसकी आर्थिकी सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने सभी बैंकों से लोगों को ऋण व अन्य सुविधाएं समयबद्ध व समुचित रूप से प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि किसान, बागवान अथवा पशुपालक एवं अन्य ग्रामीण स्तर पर योजनाओं से जुड़ा व्यक्ति इसका लाभ समय पर उठा सके। उन्होंने कहा कि नैचुरल फार्मिंग को जिला में और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। नैचुरल फार्मिंग को व्यापकता प्रदान करने के लिए विभाग सक्रियता से कार्य करें। उन्होंने बैंकों को भी आदेश दिए कि इस संबंध में जो भी प्रभावी कार्यवाही करने की आवश्यकता है, उस संबंध में बैंक अथवा विभाग कार्य योजना तैयार करें।
बैठक के संयोजक बैंक राज्य सहकारी बैंक के सहायक महाप्रबंधक विशेषवर शर्मा ने बताया कि जिला में स्केल आफ फाइनांस के आधार पर विभिन्न बैंक किसानों व बागवानों को विभिन्न फसलों के लिए वित्त प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में निर्धारित किए गए स्केल आफ फाइनांस की रिपोर्ट राज्य स्तरीय तकनीकी समिति को संस्तुति के लिए जाएगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान जिला में मुख्य तौर पर कृषि फसलों के तहत विभिन्न गेहूं, जौ, मक्का, धान, दालें, तेल का बीज, मटर, पत्ता गोभी, फूल गोभी, शिमला मिर्च, टमाटर, लहसुन, अदरक शामिल हैं जबकि बागवानी के तहत सेब, नींबू प्रजाति के फल, बादाम, कीवी, खुमानी, पलम, चेरी, आम, अनार, अमरूद, नाशपती आदि फल, पुष्प उत्पादन के तहत कारनेशन, ग्लेडुला, गुलाब तथा क्रिस थेनमम प्रजाति के फूल, मत्स्य पालन एवं पशु स्वास्थ्य संबंधित स्केल आफ फाईनांस निर्धारित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह स्केल आफ फाइनांस वर्ष 2021-22 के लिए किया जाएगा।
बैठक में राज्य सहकारी बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक संजय शर्मा, उप-निदेशक कृषि एचआर ठाकुर, नाबार्ड से राजेश डोगरा, एलडीएम यूको बैंक एके सिंह, पीएनबी बैंक से संजय रतवान, बागवानी विभाग से विषय विशेषज्ञ डाॅ. अंजना जस्टा एवं लाभ सिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र शिमला रोहडू से डाॅ. नरेन्द्र सिंह, मत्स्य विभाग से उप-निदेशक हमीर चंद, परियोजना निदेशक आत्मा अनिल ठाकुर उपस्थित थे।
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