कुल्लू। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की टीम आजकल जिला कुल्लू के पांच दिवसीय प्रवास पर है। डाॅ. नंदन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में 16 सदस्सीय केन्द्रीय दल ने कुल्लू जिला में कोविड-19 के कम्युनिटी स्प्रेड का पता लगाने के लिए पांच विभिन्न टीमें बनाई हैं। जिला में 10 कलस्टर रैंडम सैंपलिंग के लिए बनाए गए हैं और इन टीमों ने अलग अलग कलस्टरों में 500 लोगों के सैंपल लिए हैं।
डाॅ. नंदन ने कहा कि देशभर में केवल 81 जिलों का चयन किया गया है, जहां इस प्रकार का विशेष सर्वेक्षण किया जा रहा है। इनमें हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला को चुना गया है। यह तीसरा सर्वेक्षण है। इससे पहले दो सर्वेक्षणों में प्रत्येक में 400 लोगों की सैंपलिंग की गई थी। प्रथम दौर में जिला में कोई एक भी व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव नहीं पाया गया था, जबकि दूसरी बार किए गए सर्वे में दो व्यक्तियों में पाॅजिटिव रिपोर्ट आई थी। उन्होंने कहा जिला में यह तीसरा सर्वेक्षण है और इस बार 100 स्वास्थ्य कर्मियों के भी सैंपल लिये गये हैं, ताकि कम्युनिटी स्प्रेड की सटीक जानकारी हासिल हो सके। उन्होंने कहा कि यह दल जालमा, आगरा संस्थान से डाॅ. अभी कुमार बंसल के दिशा-निर्देशानुसार कार्य कर रहा है। दल के सभी सदस्यों को अच्छे से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि एकत्र किए गए 500 सैंपलों की रिपोर्ट अलग 8 से 10 दिनों के भीतर आने की उम्मीद है। उन्होंने आशा जताई कि जिला में कोविड मामलों में हर दिन आ रही कमी को देखते हुए लगता है कि यहां किसी प्रकार का कम्युनिटी स्प्रेड नहीं है और लोग काफी हद तक सुरक्षित हैं। टीम के सदस्यों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुशील चन्द्र द्वारा उन्हें दिए गए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। टीम में उपेन्द्र सिंह, अमित यादव, देचेन सहित 12 अन्य लोग शामिल हैं।
