शिमला। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि लाॅकडाऊन के मध्यनज़र बागवानी गतिविधियां प्रभावित न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को व्यापक प्रबंध करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिकी में सेब की फसल का बहुत महत्व है और सेब सीजन भी आने वाला है। ऐसे में श्रमिकों की उपलब्धता, सेब बाॅक्स एवं खरीद सामग्री को सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। वे वीरवार को यहां राजभवन में बागवानी गतिविधियों को लेकर बागवानी विभाग, एचपीएमसी और एपीएमसी के अफसरों के साथ हुई बैठक में बोल रहे थे।
राज्यपाल ने सुझाव दिया कि मौजूदा परिस्थिति में मंडियों का विकेंद्रीयकरण किया जाना चाहिए, जिससे किसानों को लाभ होगा। इसके अलावा, बागवानों के हित में परिवहन उपदान पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विशेषकर इस सीजन के दौरान किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से भरोसा दिया जा सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि इस समय चेरी फल बाजार में भेजा जा रहा है और उसके बाद गुठलीदार फल तथा आम और बाद में सेब सीजन शुरू होगा, जो लंबा चलेगा। इसलिए प्रबंधन व्यवस्थित तौर पर चलते रहना चाहिए, ताकि किसान व बागवान परेशान न हो और उन्हें नुकसान न हो।
बागवानी एवं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने इस अवसर पर राज्यपाल को विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामान्य आपूर्ति चैनल को बनाये रखकर ही किसानों को सुविधाएं उपलब्ध करवाकर फायदा दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामान्य विपणन माॅडल ही फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि विभाग बाॅक्स से लेकर अन्य विपणन सामग्री में पूरा ध्यान रखे हुए है। उन्होंने विश्वास जताया कि सीजन पूरी तरह सुचारू रूप से चलेगा। उन्होंने अन्य गतिविधियों से राज्यपाल को अवगत करवाया। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर, हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन और प्रसंस्करण निगम की प्रबंध निदेशक देबाश्वेता बानिक तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
