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ऊना। ग्रामीण विकास, पंचायती राज व कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा है कि ऊना जिले में कोरोना संक्रमितों की कॉटेंक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए सभी व्यक्तियों के प्राथमिकता पर टेस्ट करने के निर्देश दिए। वे मंगलवार को कोरोना की स्थिति तथा हिम सुरक्षा अभियान पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमित होने पर होम आइसोलेशन में रहकर इलाज को प्राथमिकता दी जाए, साथ ही इस व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाए। होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे मरीज सभी नियमों का सख्ती के साथ पालन करें, ताकि बाकी परिवार संक्रमण की चपेट में आने से बच सके। उन्होंने कहा कि सिर्फ गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों के कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा कोरोना संक्रमित अगर अपने परिवार के साथ बातचीत करना चाहते हैं तो उनके लिए इंटरकॉम या अलग फोन की व्यवस्था हो तथा उसका समय निर्धारित किए जाए। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाए। 

27 प्रतिशत आबादी की हुई स्क्रीनिंग
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कोरोना सहित अन्य बीमारियों के लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान के लिए प्रदेश सरकार ने हिम सुरक्षा अभियान चलाया है, जिसके तहत घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में तेजी लाई जाए। कंवर ने बताया कि अभी तक इस अभियान के तहत जिला ऊना की 27 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग की गई है। साथ ही उन्होंने जन जागरूकता लाने के निर्देश भी दिए।
जिला में अब तक हुए 48,660 कोरोना टेस्ट
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि जिला ऊना में अब तक 48,660 कोरोना टेस्ट किए गए हैं, जिसमें से 2309 व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव आए हैं, जिनमें से 2051 मरीज स्वस्थ हुए हैं। उन्होंने कहा कि 232 एक्टिव केसों में से 165 मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। अब तक कुल 26 व्यक्तियों की मौत कोरोना के कारण हुई है।
सीएचसी धुसाड़ा में 20 बैड का बनेगा कोविड सेंटर
उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने कहा कि जिला ऊना में कोरोना संक्रमितों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं है तथा इन्हें बढ़ाया भी जा रहा है। डेडिकेटिड कोविड हेल्थ सेंटर (डीसीएचसी) हरोली में 30 बैड की क्षमता है और इसमें 5 अतिरिक्त बैड की व्यवस्था की जा सकती है। इसके अतिरिक्त सीएचसी धुसाड़ा में 20 बैड की व्यवस्था कर इसे कभी डीसीएचसी में तबदील किया जा सकता है। साथ ही पालकवाह में 40 बैड का मेक शिफ्ट (अस्थाई) कोरोना अस्पताल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है तथा इसके लिए प्रदेश सरकार से 50 लाख रुपए प्राप्त हुए हैं। डीसीसी खड्ड में 70 बैड की व्यवस्था है। बैठक में एसपी अर्जित सेन ठाकुर, सीएमओ डॉ. रमण कुमार शर्मा, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. अजय अत्री, सभी एसडीएम, बीडीओ तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 

By admin

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