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शिमला। सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रदेश सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए उनसे संबंधित जिलों में लोगों को प्रेरित करना चाहिए और उदाहरण प्रस्तुत कर मार्गदर्शन करना चाहिए। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां भाजपा पदाधिकारियों और 2017 विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधांे का पालन न करने और अनलाॅक के दौरान लोगों द्वारा बरती गई लापरवाही के परिणामस्वरूप प्रदेश में कोविड के मामलों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यक्रम जैसे विवाह समारोह में लोगों की लापरवाही के कारण कोविड के मामले तेजी से बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब विवाह, जन्मदिन, मुंडन आदि जैसे सभी सामाजिक कार्यक्रमों के लिए स्थानीय उपमंडलाधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। कार्यकारी दंडाधिकारी मानक संचालन प्रक्रियाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने  राज्य में कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या और समारोहों में विभिन्न प्रतिबन्धों के कारण 7 से 11 दिसम्बर, 2020 तक प्रस्तावित हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र को रद्द करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता इस पर आधारहीन टिप्पणियां कर रहे हैं। यह उनकी इस संवेदनशील मुद्दे के बारे में गंभीरता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने मंत्रिगण, सांसद और विधायकों से सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करने और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करते हुए वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के चार जिलों में रात के समय कर्फ्यू लगाया है, ताकि लोग सामाजिक समारोहों के दौरान अधिक संख्या में इकट्ठा न हों, क्योंकि अधिक संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर यह वायरस तेजी से फैलता है।  मुख्यमंत्री ने मंत्रिगण से उन्हें सौंपे गए जिलों में हिम सुरक्षा अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लक्षित परिणाम हासिल करने के लिए पार्टी के हर कार्यकर्ता को अधिक समन्वय से कार्य करना चाहिए। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से बेहतर समन्वय और सम्पर्क रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि कोरोना के मामलों में तीव्रता से वृद्धि के कारण प्रदेश में कोरोना महामारी की स्थिति और खराब हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए समर्पण भाव से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारियों को सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसा कोई भी सामाजिक कार्यक्रम आयोजित न हों, जिसमें अधिक जनसमूह एकत्र हो। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी कार्यक्रम वर्चुअली आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कोरोना मरीजों की बढ़ती हुई संख्या के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा धर्मशाला में आयोजित होने वाले  विधानसभा के शीतकालीन सत्र को रद्द करने के निर्णय की सराहना की है।

राज्य भाजपा के महासचिव त्रिलोक जम्वाल ने वर्चुअल मीटिंग का संचालन किया और मिटिंग में शामिल प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में कोविड की स्थिति की समीक्षा करना था। राज्य भाजपा के महासचिव त्रिलोक कपूर, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल, पूर्व विधायक रणधीर शर्मा और भाजपा नेता संजय सूद ने भी इस महामारी से प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय वित्त और काॅरपोरेेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।

By admin

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