शिमला। अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन ने आज यहां कोविड-19 की रोकथाम हिम सुरक्षा अभियान के संदर्भ में बचत भवन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि जिला शिमला में पर्यटकों, प्रदेश की राजधानी, लोगों की अधिक आवाजाही एवं अधिक भीड़ की वजह से कोविड मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसकी रोकथाम के लिए जिला के सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
अपू्र्व देवगन ने कहा कि संबंधित उपमण्डलाधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों द्वारा पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक अभियान चलाया जाएगा, ताकि बढ़ते मामलों पर रोक लगाई जा सके। इसके लिए जन भागीदारी बैठक का आयोजन पंचायत स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला में कोविड-19 की रोकथाम के लिए सार्वजनिक कार्यालयों में भीड़ को भी कम किया जाएगा। उन्होंने शादी एवं अन्य समारोह के मध्य नजर सामाजिक दूरी एवं भीड़ एकत्रित न होने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला के सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य उपकरणों एवं गाड़ियों की कमी को पूरा किया जाएगा, ताकि मरीज को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर हिम सुरक्षा योजना की जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन भी किया गया, जिसमें उपायुक्त शिमला अध्यक्ष, जिला चिकित्सा अधिकारी सदस्य सचिव एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सदस्य के रूप में चयनित किया गया। उन्होंने बताया कि सदस्य के रूप में जिला निगरानी अधिकारी दैनिक आधार पर गतिविधियों की निगरानी के रूप में समन्वय स्थापित करेंगे।
शिमला जिले में 25 नवंबर से चलेगा एक्टिव केस फाइडिंग अभियान
इस अवसर पर जिला में एक्टिव केस फाइडिंग के रूप में 25 नवम्बर से 27 नवम्बर, 2020 तक शुरू होने वाले हिम सुरक्षा अभियान की बैठक का भी आयोजन किया गया। देवगन ने बताया कि अभियान का उद्देश्य कोविड-19, क्षय एवं कुष्ठ रोग से ग्रसित व्यक्तियों की पहचान करना है, ताकि उनका समय से पहले इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत खंड स्तर पर बनाई गई टीमों द्वारा जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास, पंचायतीराज, आयुर्वेद एवं अन्य विभागों का सहयोग रहेगा, ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. अशोक चौहान, जिला कार्यक्रम अधिकारी वंदना चौहान, परियोजना अधिकारी डीआरडीए संजय भगवती, कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. मुनीश सूद, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

