23 से 25 अक्टूबर तक होगा आयोजन, 20 शहरों के 11 से 68 वर्ष तक के राइडर्स लेंगे हिस्सा, क्रॉस-कंट्री मैराथन फॉर्मेट में होगी प्रतियोगिता
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के.के. पंत ने शुक्रवार को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से 13वें एमटीबी शिमला-2026 की हेरिटेज राइड को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में देश के 20 शहरों से आए 11 से 68 वर्ष तक के माउंटेन बाइकर्स हिस्सा ले रहे हैं। इस वर्ष प्रतियोगिता अपने मूल स्वरूप की ओर लौटते हुए क्रॉस-कंट्री मैराथन फॉर्मेट में आयोजित की जा रही है।
आयोजक संस्था हिमालयन एडवेंचर स्पोर्ट्स एंड टूरिज्म प्रमोशन एसोसिएशन (हस्तपा) ने वर्ष 2005 में एशिया की पहली एमटीबी स्टेज रेस, एमटीबी हिमालया, की शुरुआत की थी। वर्ष 2012 में शुरू हुई एमटीबी शिमला प्रतियोगिता आज देश के माउंटेन बाइकर्स के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन बन चुकी है।

मुख्य सचिव के.के. पंत ने कहा कि वह पिछले 20 वर्षों से हिमाचल प्रदेश में माउंटेन बाइकिंग को बढ़ावा देने के लिए हास्टपा के प्रयासों की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सॉफ्ट एडवेंचर टूरिज्म के लिए एक आदर्श गंतव्य है और साइकिलिंग व माउंटेन बाइकिंग जैसी गतिविधियां प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल हैं। उन्होंने देश-विदेश से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार साइकिलिंग के हर पहलू के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। साइकिलिंग हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता को अनुभव करने का एक बेहतरीन माध्यम है।
हार्टेक्स रबर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक वरुण सुरेका ने कहा कि राइडर्स की जरूरतें ही उत्पादों के विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। राइडर्स की ओर से चौड़े और मजबूत टायरों की मांग को ध्यान में रखते हुए एक्स-शील्ड तकनीक के साथ 2.4 इंच का एक्सट्रीम टायर विकसित किया गया है।
लगभग 130 किलोमीटर का चुनौतीपूर्ण रूट
इस वर्ष रेस में एक प्रोलॉग और दो टाइम्ड स्टेज शामिल हैं। पूरे आयोजन में लगभग 130 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी, जिसमें करीब 3,800 मीटर की कुल चढ़ाई होगी। रूट का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा ऑफ-रोड रहेगा, जिसमें सिंगलट्रैक, जंगल के रास्ते, जीप रोड, रॉक गार्डन और नालों को पार करने जैसी चुनौतियां शामिल होंगी। पहली बार प्रतियोगिता में ग्रेवल बाइक को भी भाग लेने की अनुमति दी गई है।
स्टेज-1: द फ्लाइट ऑफ द फीजेंट – 24 अक्टूबर
पहली स्टेज लगभग 55 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें 1,780 मीटर की चढ़ाई शामिल रहेगी। इसका रूट कुफरी वन्यजीव अभ्यारण्य, पट्टमारा, तालो का नाला, मुंडाघाट, थरोल गलू और फागू डाक बंगला क्षेत्र से होकर गुजरेगा।
स्टेज-2: द सीडर रीथ – 25 अक्टूबर
दूसरी स्टेज लगभग 48 किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें 1,280 मीटर की चढ़ाई होगी। राइडर्स कुफरी वन्यजीव अभ्यारण्य, छराबड़ा, मशोबरा, पुरानी कोटी, कंडा डाक बंगला, फागू, भेकल्टी और मशोबरा क्षेत्र के रास्तों पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
दोनों स्टेज सुबह 9 बजे शुरू होंगी, जबकि प्रोलॉग 23 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे ऐतिहासिक रिज मैदान से रवाना होगा।
11 वर्षीय कारिक सबसे युवा, 68 वर्षीय महेश्वर दत्त सबसे वरिष्ठ राइडर
प्रतियोगिता में शिमला, जयपुर, बेंगलुरु, दिल्ली, लेह और गुवाहाटी समेत 20 शहरों के प्रतिभागी अंडर-16, अंडर-19, ओपन, मास्टर्स और ग्रैंडमास्टर्स सहित विभिन्न श्रेणियों में हिस्सा ले रहे हैं। शिमला के 11 वर्षीय कारिक शर्मा इस वर्ष के सबसे युवा राइडर हैं, जबकि 68 वर्षीय महेश्वर दत्त सबसे वरिष्ठ प्रतिभागी हैं। इस बार शिमला से 18, बेंगलुरु से छह राइडर्स और राष्ट्रीय स्तर पर पोडियम हासिल कर चुके नौ विजेता प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं।
युवा राइडर्स पर रहेंगी निगाहें
कारिक शर्मा, शिमला: 11 वर्षीय कारिक अंडर-16 श्रेणी में हिस्सा ले रहे हैं। उनके लिए माउंटेन बाइकिंग का सबसे बड़ा आकर्षण रोमांच की खोज है।
रूबेन पंजेटा, शिमला: 19 वर्षीय रूबेन पिछले छह वर्षों से शिमला के पहाड़ी रास्तों पर राइडिंग कर रहे हैं। वह अंडर-19 श्रेणी में मुकाबला करेंगे। उनका कहना है कि हर खड़ी चढ़ाई, तीखा मोड़ और हिमालयी ढलान ने उन्हें मजबूत बनाया है।
नित्यम शर्मा, शिमला: 18 वर्षीय नित्यम सेंडूरो अंडर-18 विजेता रह चुके हैं और वहां एमेच्योर श्रेणी में ओवरऑल दूसरा स्थान हासिल किया था। उनके अनुसार, एमटीबी उन्हें उस आजादी का अनुभव कराती है, जिसकी बात फिल्मों में होती है।
अर्णव शर्मा, जयपुर: 18 वर्षीय अर्णव ने नेशनल ट्रायल्स में स्वर्ण पदक जीता है। अंडर-19 श्रेणी में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
स्नेहो रॉय, बेंगलुरु: 15 वर्षीय स्नेहो कर्नाटक राज्य रोड रेस में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि ड्राफ्टिंग, पुल और अटैक जैसी रणनीतियों के साथ रेस करते हुए उन्होंने स्प्रिंट लगाकर जीत हासिल की। वह अंडर-16 श्रेणी में हिस्सा लेंगे।
सुरक्षित राइडिंग को बढ़ावा देने की पहल
प्रतियोगिता के दौरान राइडर्स की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। रॉयल एनफील्ड सोशल मिशन और हास्टपा की साझेदारी ‘हेलमेट्स फॉर इंडिया’ पहल से जुड़ी है। इसका उद्देश्य माउंटेन बाइकर्स को ट्रेल पर सही तरीके से हेलमेट पहनने और सुरक्षित राइडिंग की आदत अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। रॉयल एनफील्ड इस आयोजन में सोशल मिशन पार्टनर के रूप में जुड़ा है।
छह श्रेणियों में आठ लाख रुपये की पुरस्कार राशि
एमटीबी शिमला-2026 में छह श्रेणियों के लिए कुल आठ लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। प्रतियोगिता का आयोजन हिमाचल प्रदेश पर्यटन के सहयोग से किया जा रहा है। रॉयल एनफील्ड, राडकाट, दैनिक भास्कर और बिग एफएम इसके प्रमुख पार्टनर हैं। इसके अलावा एसजेवीएन, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, एचपीडीटी और प्राणाह भी आयोजन में सहयोग कर रहे हैं।
एमटीबी शिमला-2026 के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म, साइकिलिंग और माउंटेन बाइकिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को खेलों से जोड़ने और सुरक्षित राइडिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
