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सोलन। शूलिनी यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ लीगल साइंसेज द्वारा आयोजित ‘इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता 3.0’ में अन्वेशा, रिया और प्रकृति की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। दो दिवसीय इस प्रतियोगिता का उद्देश्य कानून के विद्यार्थियों को अदालत जैसी परिस्थितियों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को कानूनी शोध, दस्तावेज तैयार करने, प्रभावी बहस करने और न्यायाधीशों के सवालों का जवाब देने की क्षमता के आधार पर परखा गया।

पहले दिन प्रारंभिक और सेमीफाइनल राउंड आयोजित किए गए, जिनमें फैकल्टी सदस्यों ने न्यायाधीशों की भूमिका निभाई। विद्यार्थियों ने दिए गए कानूनी मामलों पर अपनी दलीलें पेश कीं, संबंधित कानूनों की व्याख्या की और सवालों के जवाब देकर अपनी बात रखी।

फाइनल राउंड में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के अधिवक्ता कुलदीप ठाकुर और अधिवक्ता दीपाली ठाकुर ने न्यायाधीशों की भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों को वकालत के पेशे से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों और अनुभवों के बारे में भी जानकारी दी।

सिल्वेरिया, दिव्या और प्रिधि की टीम उपविजेता रही। प्रिंस को ‘बेस्ट स्पीकर’ और सारांश, शिविना तथा हर्षिता को ‘बेस्ट मेमोरियल’ का पुरस्कार दिया गया। समापन समारोह में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

इस प्रतियोगिता का आयोजन असिस्टेंट प्रोफेसर विनीत कुमार ने किया, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर युगाशा गर्ग ने सह-आयोजक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का आयोजन प्रोफेसर एमेरिटस एवं डीन प्रो. (डॉ.) कमलजीत सिंह और प्रो. रेनू पाल सूद के मार्गदर्शन में किया गया।

विनीत कुमार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन, अतिथि अधिवक्ताओं, फैकल्टी सदस्यों और छात्र स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।

प्रो. (डॉ.) कमलजीत सिंह ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं कानून के विद्यार्थियों को कक्षा में सीखे गए सिद्धांतों को अदालत जैसी परिस्थितियों में लागू करने का अवसर देती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने, उनकी तर्कशक्ति को मजबूत करने और उनमें टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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