शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि भारत की संसदीय प्रणाली संघीय ढाँचे पर आधारित है। जहाँ केंद्र में राज्यसभा तथा लोकसभा दो ऊपरी और निचले सदन हैं, वहीं राज्यों में विधान मण्डल तथा विधान सभाओं की व्यवस्था है, लेकिन विधानमंडल की व्यवस्था केवल कुछ बड़े राज्यों में है। वे वीरवार को यहां मॉनसून सत्र में सदन की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचे राजकीय महाविद्यालय धामी, लोरेटो कॉवेन्ट स्कूल तारा हॉल तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय विधि विभाग के छात्र-छात्राओं से रूबरू हो रहे थे।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने छात्र-छात्राओं से कुछ प्रश्न भी पूछे, जिसका उन्होंने संतोषजनक जवाब देने का प्रयास किया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज के युवा लोकतान्त्रिक प्रणाली को समझने तथा इसे मजबूती प्रदान करने में विश्वास रखते हैं जो विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए आवश्यक भी है। उन्होंने कहा कि उन्हे वह दिन स्मरण हो रहा है जब यहाँ सदन के अन्दर बाल सत्र का आयोजन किया गया था और जिस तरह से बच्चों ने विभिन्न किरदार में अपने विचारों की अभिव्यक्ति की वह अद्भुत एवं अभूतपूर्व थी। उन्हें उसी दिन विश्वास हो गया था कि भारत का लोकतंत्र सुरक्षित है तथा सही हाथों में जा रहा है।
पठानिया ने कहा कि लोकतान्त्रिक प्रणाली का ज्ञान हर इन्सान को हो उसके लिए वह शीघ्र ही किसान संसद तथा महिला संसद आयोजित करने की योजना बना रहे हैं ताकि वे इस प्रणाली से और भी अच्छी तरह परिचित हों।
इस अवसर पर पठानिया ने आज सदन के अन्दर होने वाली कार्यवाही के बारे भी छात्र-छात्राओं को अवगत करवाया तथा सदन की कार्यवाही देखकर एक अच्छा अनुभव साथ ले जाने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। पठानिया ने सभी छात्र-छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं दी । इस अवसर पर उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया भी विशेष रूप से मौजूद थे।
