शिमला। कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि वे प्रदेश के विकास के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि इसकी पहली जिम्मेदारी उनकी अपने विधानसभा क्षेत्र की है जो उन्हें उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सौंपा है। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि वह तन, मन, धन से लोगों की सेवा में लगे हैं। इसके लिए उन्हें भाजपा के किसी नेता से किसी भी प्रमाणपत्र की कोई जरूरत नहीं है। वे शनिवार को शिमला ग्रामीण हलके के सुन्नी में एक करोड़ रुपए की लागत से हुनमान मंदिर परिसर में बनने वाले सामुदायिक भवन की आधारशिला रखने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस सराय भवन की निर्माण निश्चित समय पर हो इसका पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से पहले ही 40 लाख आवंटित कर दिए हैं और जैसे ही यह पैसा खर्च हो जाएगा, इसके लिये वह शेष धन उपलब्ध करवा देंगे। उन्होंने कहा कि इस सामुदायिक भवन के बन जाने से यहां आने वाले बाहरी लोगों को भी रहने की समुचित व्यवस्था होगी।
विक्रमादित्य सिंह ने सुन्नी में तैयार हो चुके बस अड्डे को लोगों को समर्पित न करने पर प्रदेश सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार को लोगों की सुख सुविधा से कुछ भी लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की आदत केवल झूठ बोलने की और लोगों को गुमराह करने की ही रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में उनके इस तीन साल के कार्यकाल में अनेक योजनाएं पूरी की गई हैं, जो उनके पिता वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी। कांग्रेस विधायक ने कहा कि इन कार्यों के लिए बजट का पूरा प्रावधान किया था।
कांग्रेस विधायकों के हलकों में विकास को लेकर भेदभाव कर रही भाजपा सरकार – विक्रमादित्य सिंह
कांग्रेस विधायक व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विक्रमादित्य सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान जयराम सरकार कांग्रेस पार्टी के विधायकों के चुनाव क्षेत्रों के साथ विकास के मामले में भेदभाव कर रही है। कांग्रेस विधायक प्राथमिकता को नज़र अंदाज़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यही वजह है उन्हें विधायक निधि से ही अपने विकास कार्यों को पूरा करवाना पड़ रहा है। इस अवसर पर शिमला ग्रामीण विधानसभा चुनाव क्षेत्र के ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल शर्मा, राजेश शर्मा, प्रदीप शर्मा, कपिल गुप्ता, राजेंद्र ठाकुर, देवेंद्र पंवर, ऋतु राज, मोना, हेतराम हरनोट, तेजराम शर्मा, रूपलाल, निर्मला वर्मा, प्रभा वर्मा, कविता कंवर, मीना कुमारी व अजय वर्मा के अतिरिक्त कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता व बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
