मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं के दावे फेल, महिलाओं और बच्चों के अस्पताल को बनाया ‘पेमेंट सेंटर’
शिमला। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने राजधानी शिमला के कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में यूजर चार्जेज लागू करने के फैसले पर कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सीधे तौर पर गरीब, महिलाओं और बच्चों पर आर्थिक बोझ डालने वाला है।
भारद्वाज ने कहा कि जिस अस्पताल को महिलाओं और बच्चों के लिए सबसे बड़ा सरकारी सहारा माना जाता है, वहां अब रजिस्ट्रेशन से लेकर जांच और इलाज तक हर सेवा के लिए शुल्क वसूला जाना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सरकारी अस्पताल को भी ‘पेमेंट सेंटर’ में बदल दिया है। ऐसे में अब गरीब इलाज करवाए या फीस भरे।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि रजिस्ट्रेशन फीस, वार्ड चार्ज, ऑपरेशन शुल्क, जांच शुल्क और यहां तक कि मेडिकल फिटनेस व सर्टिफिकेट तक के लिए फीस तय करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को भी आमदनी का जरिया बना रही है। उन्होंने कहा कि यह वही कांग्रेस है जो चुनावों में मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े वादे करती थी, लेकिन सत्ता में आते ही गरीबों की जेब पर डाका डाल रही है।
भारद्वाज ने कहा कि जिन लोगों के पास संसाधन हैं वे निजी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं, लेकिन गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सरकारी अस्पताल ही अंतिम विकल्प होता है। उन्होंने कहा कि अब जब सरकारी अस्पतालों में भी हर सेवा के लिए शुल्क लिया जाएगा, तो गरीब मरीज आखिर कहां जाएगा।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला केवल आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला नहीं, बल्कि सरकार की गलत प्राथमिकताओं और असफल स्वास्थ्य नीति को भी उजागर करता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के अस्पताल में इस तरह के शुल्क लागू करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील निर्णय है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी और सरकार को इस फैसले को वापस लेने के लिए मजबूर करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया है और अब जनता इसका जवाब देगी।
