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कहा – 19 वर्षीय छात्रा की निर्मम हत्या ने हिमाचल को झकझोरा, प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई 

जयराम बोले – नशे का बढ़ता जाल और सरकार की संवेदनहीनता गंभीर चिंता का विषय 

शिमला। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिले के सरकाघाट में 19 वर्षीय छात्रा की निर्मम हत्या को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह घटना हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। जिस तरह से एक बेटी की बेरहमी से हत्या की गई, वह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। वे मंगलवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कॉलेज जा रही एक 19 वर्षीय छात्रा पर एक युवक ने धारदार हथियार से हमला कर उसकी निर्ममता से हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है और आम लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं पीड़ित परिवार से मिले और उनकी पीड़ा को करीब से महसूस किया। उन्होंने कहा कि छात्रा के पिता, जो एक निजी वाहन चालक हैं, गहरे सदमे में हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवार का दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। पिता ने सुबह बेटी से बात की थी और कुछ ही घंटों बाद उन्हें उसकी हत्या की सूचना मिली। यह अत्यंत हृदय विदारक स्थिति है। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि हालांकि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस मामले में गहन जांच की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह जांच होना आवश्यक है कि क्या आरोपी अकेला था या उसके पीछे कोई और भी साजिश थी। हर पहलू की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। 

यह घटना प्रदेश में बढ़ते नशे के खतरे को दर्शाती 

जयराम ठाकुर ने इस घटना को नशे की समस्या से जोड़ते हुए कहा कि आरोपी के नशे में होने की बात सामने आ रही है, जो प्रदेश में बढ़ते नशे के खतरे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर नशे के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करती है, लेकिन दूसरी ओर ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि हजारों युवाओं को नशे का आदी चिन्हित किया गया है, तो उनके पुनर्वास और रोकथाम के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए?

जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में‌ एनडीपीएस के 6200 से अधिक मामले सामने आए हैं और 66 लोगों की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है। साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। यह स्थिति प्रदेश के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।

जयराम ठाकुर ने सरकार की संवेदनहीनता पर उठाए सवाल 

जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने कहा कि एक 19 साल की बेटी की इतनी निर्मम हत्या हो जाती है और सरकार की ओर से संवेदना के दो शब्द भी नहीं आते, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। 

जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि खराब सड़क व्यवस्था के कारण छात्रा को बस पकड़ने के लिए लंबी दूरी पैदल चलना पड़ता था, जो इस तरह की घटनाओं की संभावना को बढ़ाता है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से कमजोर हो चुका है और सरकार केवल राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक घटना नहीं है, बल्कि प्रदेश की हर बेटी की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। 

By admin

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