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इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 6700 बच्चों की माताएं लाभान्वित 

शाहपुर मिनी सचिवालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व दिन पर कार्यक्रम आयोजित 

शाहपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से एक दिन पहले शनिवार को शाहपुर के मिनी सचिवालय परिसर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। 

इस अवसर पर केवल सिंह पठानिया ने कहा कि महिला दिवस महिलाओं के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने समाज के विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रतिबद्ध है और इसके लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं एवं कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में इस वित्त वर्ष के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं और बच्चों को लगभग 30 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान किए जा चुके हैं।

पठानिया ने जानकारी देते हुए बताया कि “बेटी है अनमोल” योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में जिला कांगड़ा की 421 बालिकाओं को जन्म उपहार के रूप में लगभग 1 करोड़ 15 लाख 28 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। वहीं, मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत इस वित्त वर्ष में 1377 बेटियों को 4 करोड़ 26 लाख 87 हजार रुपये की अनुदान राशि वितरित की गई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार ने पिता की भूमिका निभाते हुए इस वित्त वर्ष में 586 बेटियों के विवाह हेतु 2 करोड़ 8 लाख 86 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है।

केवल सिंह पठानिया ने कहा कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना उन विधवा और परित्यक्त महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है, जिनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च अब प्रदेश की सुक्खू सरकार वहन कर रही है ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में इस योजना के तहत लगभग 6700 बच्चों की माताओं को प्रतिमाह 1000 रुपये सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान की जा रही है तथा बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च भी सरकार उठा रही है। इस योजना के तहत इस वर्ष लगभग 8.50 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।

पठानिया ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण पूर्व कांग्रेस सरकारों की देन है। उन्होंने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना भी है।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अशोक शर्मा ने मुख्यातिथि सहित सभी अतिथियों तथा उपस्थित मातृशक्ति का स्वागत किया और विभाग द्वारा जिला कांगड़ा में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम में एसडीएम शाहपुर गणेश ठाकुर ने आश्वस्त किया कि शाहपुर उपमंडल के अंतर्गत आने वाली प्रत्येक पात्र महिला तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।

इस अवसर पर पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं महिला कांग्रेस प्रधान नीना ठाकुर तथा सरिता सैनी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। महिला एवं बाल विकास विभाग की महिलाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई।

कार्यक्रम के दौरान जिला कांगड़ा में वर्षभर उत्कृष्ट कार्य करने वाली 65 महिलाओं, जिनमें अधिकारी, महिला कार्यकर्ता और स्कूली छात्राएं शामिल थीं,को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर एसडीएम शाहपुर गणेश ठाकुर, एटीसी शाहपुर की प्रभारी डॉ. सुनंदा पठानिया, बीएमओ डॉ. कविता, बीडीओ रैत कमलजीत, अधिशासी अभियंता जलशक्ति अमित डोगरा, सीडीपीओ रैत निर्मला, बीईईओ मिन्टो देवी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत राणा, उपमुख्य सचेतक के सलाहकार विनय, महिला कांग्रेस प्रधान नीना ठाकुर, रितिका शर्मा, सरिता सैनी, रीना पठानिया, मधुबाला, पुष्पा जरयाल, वीना चौधरी, सुषमा, नम्रता, स्नेहलता सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

By admin

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