शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर वीरवार को शिमला में ईरान पर अमेरिकी-इज़राइली हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीआई (एम) राज्य सचिवालय सदस्य राकेश सिंहा, जिला कमेटी सदस्य अमित और विवेक कश्यप ने अमेरिकी साम्राज्यवाद और इज़राइली आक्रमण की कड़ी निंदा की तथा ईरान की संप्रभुता पर हुए हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया।
इस अवसर पर सीपीआई (एम) के राज्य सचिव संजय चौहान, राज्य कमेटी सदस्य जगत राम, विजय कौशल, राम सिंह, फालमा चौहान, कमल, रामप्रकाश, विवेक नेहरा, प्रवेश, तिलक राज, पूर्ण, ईश्वर, दुष्यंत, दुशांत, दीप राम, सीता राम, उमा, निशा सहित पार्टी के अन्य साथियों ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पश्चिम एशिया को लगातार युद्ध और अस्थिरता की ओर धकेला जा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता और मेहनतकश वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि साम्राज्यवादी शक्तियां अपने आर्थिक और सामरिक हितों को सुरक्षित करने के लिए क्षेत्र में तनाव और युद्ध को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ यह हमला केवल एक देश पर आक्रमण नहीं है, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है। इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा, जिसका सीधा प्रभाव भारत जैसे देशों पर पड़ेगा जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं।
वक्ताओं ने भारत सरकार से मांग की कि वह स्पष्ट रूप से अमेरिकी-इज़राइली आक्रमण की निंदा करे और क्षेत्र में शांति तथा कूटनीतिक समाधान के पक्ष में आवाज उठाए। साथ ही खाड़ी देशों में काम कर रहे 90 लाख भारतीय कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शन के दौरान साम्राज्यवाद और युद्ध की राजनीति के खिलाफ जोरदार नारे लगाए गए और दुनिया भर के मेहनतकश लोगों से शांति, संप्रभुता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया।
