कुल्लू में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 की समीक्षा बैठक, गुणवत्ता व पारदर्शिता पर जोर
कुल्लू। जिला कुल्लू में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस.पी. कत्याल ने की। बहुउद्देशीय भवन में आयोजित इस बैठक में आवश्यक खाद्यान्न वस्तुओं की उपलब्धता, गुणवत्ता, शिकायत निवारण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
डॉ. कत्याल ने बैठक में उपस्थित सभी विभागों को निर्देशित किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्नों की सप्लाई चेन से लेकर अंतिम लाभार्थी तक प्रत्येक स्तर पर गुणवत्ता और निर्धारित मात्रा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मिड-डे-मील उपलब्ध कराने वाले विद्यालयों तथा थोक गोदामों का नियमित निरीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता की गुंजाइश न रहे। उन्होंने उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरण प्रणाली और सरकार की नीतिगत प्रावधानों के प्रति जागरूक करने पर भी बल दिया, ताकि लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
बंजार में गोदाम निर्माण व न्यूट्रीशनल गार्डन के निर्देश
बैठक के दौरान अध्यक्ष ने बंजार उपमंडल में खाद्यान्न गोदाम निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची उपलब्ध करवाने को कहा जहां 3 से 6 वर्ष के बच्चे या धात्री महिलाएं पंजीकृत नहीं हैं। इन केंद्रों के जियो-कोऑर्डिनेट्स भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को भूमि उपलब्धता वाले सभी विद्यालयों की जानकारी देने तथा ऐसे विद्यालयों में न्यूट्रीशनल गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को ताजा एवं पोषक आहार मिल सके।
एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
डॉ. कत्याल ने खाद्य सुरक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग को समन्वय के साथ कार्य करते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मानकों के अनुरूप खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें, ताकि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

गोदामों व संस्थानों का निरीक्षण
बैठक के पश्चात डॉ. कत्याल ने हिमाचल राज्य नागरिक आपूर्ति के गोदामों (कुल्लू व भुंतर), उचित मूल्य की दुकान शमसी, केवीआर भुंतर, मनाली तथा रोलर आटा मिल बजौरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद्यान्नों की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और वितरण प्रणाली की समीक्षा की गई।
जिले में 1.71 लाख से अधिक लाभार्थियों को नियमित खाद्यान्न वितरण
जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले शिव राम ने बताया कि जिले में कुल 47,340 राशन कार्ड धारकों के माध्यम से 1,71,967 लाभार्थियों को प्रतिमाह सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नियमित रूप से वितरित किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा त्रैमासिक आधार पर पीडीएस खाद्यान्नों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और निर्धारित मात्रा में वितरण की जांच की जाती है।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में खाद्य सुरक्षा से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। सतर्कता समितियों के कार्यों एवं निरीक्षणों की भी समीक्षा की गई।
मिड-डे-मील व आंगनबाड़ी के आंकड़े
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सुनील ठाकुर ने बताया कि जिले में 1006 विद्यालयों के माध्यम से 35,118 पात्र विद्यार्थियों को नियमित रूप से मिड-डे-मील उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस, कुंदन लाल ने जानकारी दी कि 1,095 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1,860 गर्भवती महिलाओं, 1,848 धात्री माताओं तथा 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 11,425 बच्चों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। बैठक में एडीसी अश्वनी कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अनिल शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश सहित अन्य अधिकारी एवं सीडीपीओ उपस्थित रहे।
